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दिलवालों का शहर हजारीबाग : गरीबों संग नववर्ष का जश्न

1000 से अधिक लाचार व्यक्तियों को कराया गया स्वादिष्ट भोजन कंपकंपाती ठंड में गर्म कंबलों की सौगात साईं भक्तों की बदौलत गरीबों की अब चैन से कटेगी पूस की रात Gaurav Prakash Hazaribagh : हजारीबाग हजार बागों के साथ दिलवालों का शहर भी कहा जाता है. यहां के लोग न सिर्फ शांतचित स्वभाव के माने जाते हैं, बल्कि उनमें मानवीय संवेदनाएं भी कूट-कूट कर भरी हैं. दूसरों को दु:ख-तकलीफ में देखकर उनका दिल पिघल जाता है और अपनी खुशियां उन्हीं बेबस, असहाय और पीड़ित लोगों के दुख दर्द दूर करने में खोजते हैं. इसे भी पढ़ें– सीएम">https://lagatar.in/cm-hemant-soren-wished-the-people-of-the-state-for-the-new-year/">सीएम

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साईं भक्त गरीबों की सेवा में ढूंढ़ रहे थे खुशी

नववर्ष पर कुछ ऐसा ही नजारा बंशीलाल चौक स्थित साईं भक्तों में देखने को मिला. जहां एक ओर बड़ी आबादी नववर्ष के जश्न में डूबी हुई थी, वहीं साईं भक्त असहाय गरीबों के चेहरे पर उभरे शिकन को दूर करने में में लगे थे. साईं भक्त सेवा से अपार खुशियों की अनुभूति पा रहे थे. हजारीबाग में नववर्ष के मौक पर अग्रवाल परिवार ने 1000 से अधिक गरीब व्यक्तियों के साथ नववर्ष मनाया. न सिर्फ उनके बीच लजीज व्यंजन परोसा, बल्कि कंपकंपाती सर्दी से राहत के लिए उन्हें गर्म कंबल की सौगात भी दी. अब उन लाचार लोगों की ठिठुरन भरी पूस की रात चैन से कट पाएगी. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/bbbb.jpg"

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नरेश अग्रवाल परिवार ने कराया नारायण भोजन

हजारीबाग के नरेश अग्रवाल परिवार ने नववर्ष के अवसर पर गरीबों को नारायण भोजन कराया. यह मौका था उनके जन्मदिन का और कार्यक्रम करा रहे थे उनके बड़े भाई सुनील अग्रवाल. नये साल पर हजारीबाग बंशीलाल चौक के निकट साईं पूजन एवं हवन का आयोजन किया. इस दौरान लोग साईं नाम केवलम् के गीतों पर सुध-बुध खोकर खूब थिरके. इस बाबत सुनील अग्रवाल कहते हैं कि नारायण सेवा से बढ़ कर कोई सेवा नहीं है. मानवता की सेवा में ही मन को सच्चा सुख मिलता है. इस कारण वे नव वर्ष के अवसर पर गरीबों को भोजन कराते हैं और उन्हें वस्त्र देते हैं. उनका कहना है कि नव वर्ष के मौके पर तो हर कोई अपने परिवार के साथ समय बिताता है और तरह-तरह के पकवान खाता है. वहीं उनकी सोच है कि गरीबों के साथ भी नव वर्ष मनाना चाहिए. देखिए पंडाल में गरीबों को मान प्रतिष्ठा के साथ भोजन कराया गया. खाने में भी लजीज व्यंजन परोसे गये. दूसरी ओर ऑर्केस्ट्रा के जरिए साईं भजन गया. भक्त जमकर नाचते रहे. सुनील अग्रवाल ने आनंदित होते हुए कहा कि इससे ज्यादा मस्ती और सुखद आनंद और क्या हो सकता है. इसे भी पढ़ें– झारखंड">https://lagatar.in/kankani-will-increase-in-jharkhand-it-will-be-cloudy-for-the-whole-week/">झारखंड

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मुख्य उद्देश्य गरीबों को मान-सम्मान दिलाना

नरेश अग्रवाल बताते हैं कि उनके भाई पिछले कई वर्षों से यह पुनीत कार्य कर रहे हैं. यह एक बहाना है कि उनका जन्मदिन मनाना है. असली उद्देश्य गरीबों को मान सम्मान दिलाना है. कई लोग जानते भी हैं कि वे लोग साल के पहले दिन इस तरह का आयोजन कराते हैं, तो स्वत: नारायण कार्यक्रम स्थल पर पहुंच जाते हैं. उन्हें सम्मान के साथ उपहार देते हैं. उन्होंने बताया कि माह भर से आयोजन की तैयारियां चल रही थीं ताकि कोई भी व्यक्ति यहां से खाली हाथ नहीं लौटे. [wpse_comments_template]

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