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CJI ने कार्यकाल के अंतिम दिन चुनाव में फ्रीबीज का मामला नयी बेंच को भेजा, योगी को  गोरखपुर दंगे में राहत दी

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NewDelhi :  CJI एनवी रमना ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन शुक्रवार को कई फैसले सुनाये. जान लें कि आज सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही की पहली बार लाइव स्ट्रीमिंग की गयी.  अपने कार्यकाल के आखिरी दिन सीजेआई की अध्यक्षता वाली बेंच ने 5 मामलों पर फैसला सुनाया.  सीजेआई की बेंच ने फ्रीबीज (रेवड़ी कल्चर), 2007 गोरखपुर दंगे, कर्नाटक माइनिंग, राजस्थान माइनिंग लीज सहित बैंकरप्सी केस में फैसला सुनाया. इसे भी पढ़ें : BIG">https://lagatar.in/big-breaking-ghulam-nabi-azad-resigns-from-congress-says-rahul-is-responsible-for-the-destruction-of-congress/">BIG

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नयी बेंच में अगले चीफ जस्टिस समेत 3 जज होंगे  

चीफ जस्टिस एनवी रमना की बेंच ने चुनाव में रेवड़ी कल्चर पर  रोक लगाने की मांग वाली याचिका सुनवाई के बाद नयी बेंच में रेफर कर दिया. नयी बेंच में अगले चीफ जस्टिस समेत 3 जज होंगे. वे आगे की सुनवाई करेंगे. हालांकि सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस कहा कि कमेटी बनाई जा सकती है, लेकिन क्या कमेटी इसकी परिभाषा सही से तय कर पायेगी. साथ ही CJI रमना ने कहा कि इस केस में विस्तृत सुनवाई की जरूरत है. इसे गंभीरता से लेना चाहिए. फ्रीबीज मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना की अगुआई वाली जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस हिमा कोहली की तीन सदस्यीय बेंच कर रही थी.  फैसला सुनाने के बाद CJI ने याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय को धन्यवाद दिया, जिस पर उपाध्याय ने कहा कि हम आपको मिस करेंगे. इसे भी पढ़ें : झामुमो">https://lagatar.in/jmm-mlas-are-being-taken-to-chhattisgarh-in-three-buses-nishikant/">झामुमो

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योगी आदित्यनाथ को 2007 के गोरखपुर दंगे में राहत

सीजेआई ने आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को 2007 के गोरखपुर दंगे को लेकर राहत प्रदान की. कोर्ट ने 2007 में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुकदमा चलाने की अनुमति देने से मना कर दिया. इससे पहले राज्य सरकार ने मई 2017 में इस आधार पर अनुमति से मना कर दिया था कि मुकदमा चलाने के लिए सबूत नाकाफी हैं. 2018 में इलाहाबाद हाई कोर्ट भी इसे सही ठहरा चुका है.

कर्नाटक के 3 जिलों में लौह अयस्क उत्पादन सीमा बढ़ाई गयी

SC ने आज कर्नाटक के 3 जिलों में लौह अयस्क उत्पादन सीमा बढ़ा दी. खबर है कि सुप्रीम कोर्ट ने चित्रदुर्ग और तुमकुरु जिलों के लिए वार्षिक लौह अयस्क उत्पादन सीमा 7 MMT से बढ़ाकर 15 MMT कर दी.  बेल्लारी के लिए लिमिट 28 एमएमटी से 35 एमएमटी कर दी गयी है. [wpse_comments_template]    
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