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बिरसा चौक में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम और महिलाओं के बीच झड़प, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Ranchi News : बिरसा चौक में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध कर रही बस्ती बचाओ संघर्ष समिति का कहना है कि लोग पिछले करीब 20 वर्षों से यहां रह रहे हैं. समिति का कहना है कि यदि सरकार उनके घरों को तोड़ती है, तो उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो जाएगा. लोगों की मांग है कि मकान तोड़ने से पहले उन्हें रहने के लिए वैकल्पिक जमीन या पुनर्वास की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए.
 
प्रशासनिक टीम का विरोध

Ranchi News :  बिरसा चौक में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बुधवार को प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. मामा नगर में एचईसी की जमीन पर बने घरों को तोड़ने पहुंची प्रशासन की टीम का स्थानीय लोगों ने विरोध किया.

 

इस दौरान प्रशासन और महिलाओं के बीच झड़प हो गई. विरोध कर रही महिलाओं की ओर से प्रशासनिक टीम पर हमला किए जाने की बात सामने आई है, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया है. 

 

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स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. नगर निगम की ओर से बस्ती में बने मकानों को हटाने के लिए करीब 10 बुलडोजर भी लगाए गए हैं.  कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुटे रहे. 

 

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20 साल से रहने का दावा, पुनर्वास की मांग

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध कर रही बस्ती बचाओ संघर्ष समिति का कहना है कि लोग पिछले करीब 20 वर्षों से यहां रह रहे हैं. समिति का कहना है कि यदि सरकार उनके घरों को तोड़ती है, तो उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो जाएगा. लोगों की मांग है कि मकान तोड़ने से पहले उन्हें रहने के लिए वैकल्पिक जमीन या पुनर्वास की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए.

 

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बिरसा चौक के मामा नगर इलाके में 200 से अधिक मकान बने हुए हैं. कार्रवाई के बाद कई परिवारों के सामने सिर छिपाने की जगह का संकट पैदा हो गया है. घर टूटने के बाद कई परिवारों के सदस्य रोते-बिलखते नजर आए.

 

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