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Jharkhand Salary scam : क्लर्क ने लिया राष्ट्रपति से ज्यादा वेतन, SSP रांची के खाते में 5 अलग-अलग Payee के नाम निकासी

Ranchi: पशुपालन विभाग के क्लर्क ने राष्ट्रपति से ज्यादा वेतन लिया. रांची SSP के खाते में पांच अलग-अलग Payee के नाम पर निकासी हुई है. महालेखाकार द्वारा निकासी से संबंधित आंकड़ों के विश्लेषण के दौरान इस बात की पुष्टि हुई है. पशुपालन विभाग के क्लर्क मुनिंद्र कुमार द्वारा वेतन मद में की गयी निकासी से संबंधित आंकड़ों के विश्लेषण से इस बात की पुष्टि होती है कि उसने अगस्त 2023 से दिसंबर 2025 तक की अवधि में अपना मूल वेतन (Basic) मनमाने तरीके से बढ़ाया.
 
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Ranchi: झारखंड वेतन-ट्रेजरी घोटाला में नये तथ्य सामने आये हैं. पता चला है कि पशुपालन विभाग के एक क्लर्क ने राष्ट्रपति से ज्यादा वेतन लिया, जबकि रांची SSP के खाते में पांच अलग-अलग Payee के नाम पर निकासी हुई है. महालेखाकार द्वारा निकासी से संबंधित आंकड़ों के विश्लेषण के दौरान इस बात की पुष्टि हुई है.


पशुपालन विभाग के क्लर्क मुनिंद्र कुमार द्वारा वेतन मद में की गयी निकासी से संबंधित आंकड़ों के विश्लेषण से इस बात की पुष्टि होती है कि उसने अगस्त 2023 से दिसंबर 2025 तक की अवधि में अपना मूल वेतन (Basic) मनमाने तरीके से बढ़ाया. 23 महीने में वेतन मद से अपने खाते में उसने कुल 1.54 करोड़ रुपये की निकासी की.

 

इन 23 महीनों में से दो महीने में ही उसने अपने मूल वेतन 37,200 रुपये के आधार पर निकासी की. लेकिन इन दोनों ही महीनों में उसने 8.5-8.5 लाख रुपये बकाया जोड़ कर 9.13-9.13 लाख रुपये वेतन लिया. 


23 में से 21 महीने में उसने पांच महीने तक अपना मूल वेतन मुख्य सचिव से थोड़ा कम बता कर वेतन की निकासी की. पांच में तीन महीने 1.19 लाख मूल वेतन, एक महीने दो लाख रुपये और एक महीने 2.05 लाख रुपये मूल वेतन के आधार पर निकासी की. इसके बाद के 16 महीने में उसने 2.50 लाख से 12 लाख तक के मूल वेतन के आधार पर वेतन कि निकासी की.

 

राज्य के मुख्य सचिव का मूल वेतन 2.25 लाख रुपये निर्धारित है. इससे अधिक मूल वेतन राज्य सरकार के किसी भी कर्मचारी का नहीं हो सकता है. लेकिन मुनिंद्र कुमार द्वारा जालसाजी कर 2.50-12 लाख तक का मूल वेतन के आधार पर की गयी निकासी को DDO से लेकर कोषाकार पदाधिकारी (TO) तक पकड़ नहीं पाये.


मुनिंद्र कुमार द्वारा की निकासी के आंकड़ों के विश्लेण में पाया गया है कि उसने दो महीने (मार्च 2024, अप्रैल 2025) 12-12 लाख रुपये मूल वेतन के आधार पर निकासी की. इस अवधि में उसने 6-6 लाख रुपये के हिसाब से महंगाई भत्ता और 2.16-2.16 लाख रुपये की दर से आवास भत्ता भी लिया. इन दोनों महीनों में उसने वेतन के रुप में 20.19-20.19 लाख रुपये लिये. राष्ट्रपति को 10 लाख रुपये वेतन मिलता है. मुनिंद्र ने दो महीने तक राष्ट्रपति से ज्यादा वेतन लिया. लेकिन DDO और TO इस जालसाजी को पकड़ नहीं पाये.


मुनिंद्र ने एक महीना 4.32 लाख, छह महीने 2.50 लाख, एक महीना 10 लाख और दो महीने 4.88 लाख रुपये मूल वेतन के आधार पर निकासी की. कुल 23 महीने में उसने मूल वेतन के रूप में 79.64 लाख रुपये, महंगाई भत्ता के रूप में 41.28 लाख, आवास भत्ता के रूप में 15.23 लाख, यात्रा भत्ता के रूप में 79.03 हजार, चिकित्सा भत्ता के रूप में 19 हजार 500 रुपये और बकाया के रूप में 17.00 लाख रुपये की निकासी की.


महालेखाकार द्वारा जारी जांच के दौरान रांची SSP के खाते में भी एक लाख 47 हजार 477 रुपये की निकासी का मामला पकड़ में आया है. यह निकासी दिसंबर 2017 से मार्च 2025 तक की अवधि में की गयी है. रांची कोर्ट कंपाउंट स्थित स्टेट बैंक के अकाउंट नंबर 11049003877 में पांच अलग-अलग Payee के नाम पर निकासी की गयी है. इसके लिए अलग-अलग DDO कोड का इस्तेमाल पाया गया है. जांच में पाया गया कि इस खाते में निकासी के लिए DDO कोड के रूप में DRNPOL002, KHNPOL001 ,PRJPOL034, RNCPOL010 और SKLPOL002 का इस्तेमाल किया गया है.


मुनिंद्र के मूल वेतन में बदलाव का ब्योरा

फर्जी मूल वेतन  कितने महीने लिया
1.19 लाख तीन महीना
12.00 लाख दो महीना
2.00 लाख एक महीना
4.32 लाख एक महीना
2.50 लाख छह महीना
10.00 लाख एक महीना
2.05 लाख तीन महीना
4.88 लाख   दो महीना


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