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दवा घोटाला पर सीएम ने नहीं लिया संज्ञान तो CBI के पास पहुंचे सरयू

Ranchi: झारखंड में दवा घोटाला को लेकर विधायक सरयू राय अब सीबीआई के पास पहुंच गये हैं. 1 फरवरी को सरयू राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि राज्य में 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का दवा घोटाला हुआ है. सबूत पेश करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की थी. लेकिन 15 दिन बाद भी सरकार की ओर से इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं होता देख सरयू राय गुरुवार (16 फरवरी) को रांची स्थित सीबीआई आईजी के दफ्तर पहुंचे. वहां सीबीआई निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपकर दवा घोटाले की जांच कराने की मांग की. इसे भी पढ़ें - आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-former-manager-of-it-site-accused-of-misbehaving-with-women-workers-fir-lodged/">आदित्यपुर

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दवा निर्माता कंपनियों और स्वास्थ्य मंत्री की सांठगांठ से हुआ घोटाला- सरयू

सरयू राय ने कहा कि झारखंड में जेनरिक दवाओं की खरीद में 150 से 200 करोड़ रूपये का घोटाला हुआ है. यह घोटाला भारत सरकार की दवा निर्माता कंपनियों और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के बीच सांठगांठ के कारण हुई है. झारखंड में 2020 के आरम्भ में स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं की थोक खरीद के लिए खुला टेंडर निकाला था. न्यूनतम दर वाले आपूर्तिकर्ता को विभाग ने कहा था कि वो विभाग के साथ निर्धारित दर पर दवा आपूर्ति का एग्रीमेंट करें और जल्द दवा आपूर्ति करे. इस बीच भारत सरकार की दवा निर्माता कंपनियों ने स्वास्थ्य मंत्री को प्रभावित किया कि विभाग उनसे दवा खरीदे. इसके बाद मंत्री ने टेंडर से निर्धारित न्यूनतम दर पर दवा नहीं खरीद कर विभाग में एक डॉक्यूमेंट तैयार कराया कि भारत सरकार की पांच दवा निर्माता कंपनियों से उनके द्वारा निर्धारित दर पर दवा खरीदी जाए. इसे कैबिनेट में भेजकर स्वीकृति भी लिया गया और टेंडर दर से तीन-चार गुना अधिक दर पर दवा खरीदी गयी.

भारत सरकार के दवा निर्माता कंपनियों की भूमिका की भी हो जांच- सरयू

सरयू राय ने आरोप लगाया है कि इन कंपनियों को फायदा पहुंचा कर सरकारी खजाने को 150 करोड़ से अधिक का नुकसान पहुंचाया गया है. उन्होंने सीबीआई निदेशक से भारत सरकार की दवा निर्माता कंपनियों की स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से मिलीभगत की जांच कराने और सरकारी धन की हेराफेरी कराने में भूमिका की जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सीबीआई यह भी जांच कराए कि जब दवा खरीद का टेंडर झारखंड में निकला, तब भारत सरकार की इन दवा निर्माता कंपनियों ने इसमें क्यों नहीं भाग लिया और बाद में सस्ती दर पर दवा खरीद रुकवा कर अपनी दवाइयां महंगे दर पर क्यों बेची. इसे भी पढ़ें - मिशन">https://lagatar.in/before-mission-2024-chamra-linda-did-a-show-of-strength-warned-the-central-and-state-government/">मिशन

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