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CM ने कांची नदी पर बने हाराडीह-बुढ़ाडीह पुल के गिरने की उच्चस्तरीय जांच का दिया आदेश

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  • परिवहन मंत्री चंपई सोरेन ने भी की थी जांच की मांग, सीता सोरेन ने किया स्वागत
  • पुल गिरने के कारणों की जांच करने के लिए आलमगीर आलम ने गठित की जांच कमेटी

Ranchi : रांची में कांची नदी पर करोड़ों की लागत से बने नवनिर्मित हाराडीह-बुढ़ाडीह पुल के गिरने की उच्चस्तरीय जांच का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आदेश दे दिया है. उन्होंने कहा है कि कांची नदी पर जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये से बना नवनिर्मित हाराडीह-बुढ़ाडीह पुल के ध्वस्त होने के मामले में निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच का आदेश दे दिया है. मेरे सेवाकाल में भ्रष्टाचार और जनता के पैसों की लूट किसी भी क़ीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बता दें कि रांची के तमाड़ में कांची नदी पर बना पुल गुरुवार को चक्रवातीय तूफान `यास` में ही हुई तेज बारिश को नहीं झेल पाया था. यह पूल रांची जिले के तमाड़, बुंडू और सोनाहातू को जोड़ता था. तीन साल पहले ही करोड़ों की लागत से पुल बनाया गया था, मगर करोड़ों रुपये की लागत से बना यह पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया.

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सीएम हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर दिया जांच का निर्देश.

बालू के अवैध उत्खनन को बताया गया था कारण

पुल के ध्वस्त होने के बारे में स्थानीय ग्रामीणों का कहना था कि कांची नदी में लगातार बालू का अवैध उत्खनन किया जा रहा था. इसके कारण पुल कमजोर हो गया. समय रहते अगर प्रशासनिक कार्रवाई होती है, तो यह पुल बच सकता था. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कांची नदी पर बने सोनाहातू का हारीन पुल और तमाड़ का बालमडीह पुल पहले ही ध्वस्त हो चुका है और अब हाराडीह पुल भी ध्वस्त हो गया.

कमिटी का गठन, दोषी पदाधिकारियों और ठेकेदारों को भी कमिटी करेगी चिह्नित

कांची नदी पर बने पुल के गिरने के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिए जांच के आदेश के बाद एक तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गयी है. यह कमेटी ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने गठित की है. कमिटी हाराडीह-बूढ़ाडीह पुल गिरने के कारणों की जांच करेगी. कमेटी का अध्यक्ष पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख को नियुक्त किया गया है. अन्य सदस्यों में भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता और जेएसआरआडीए के मुख्य अभियंता शामिल हैं. जांच कमेटी पुल गिरने के मामले की उच्च स्तरीय जांच करेगी और संयुक्त जांच रिपोर्ट यथाशीघ्र सौंपेगी. इसके साथ ही कमिटी को दोषी पदाधिकारियों और ठेकेदारों को चिह्नित करने का भी निर्देश दिया गया है.

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पिछली सरकार में हुए भ्रष्टाचार, घटिया निर्माण और लूट का जीवंत उदाहरण है पुल गिरना - चंपई

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इससे पहले परिवहन मंत्री चंपई सोरेन ने पुल ध्वस्त गिरने पर सवाल उठाया था. उन्होंने पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री रघुवर दास की कार्यशैली पर सवाल उठाया था. चंपई सोरेन ने कहा था कि रघुवर दास की तथाकथित डबल इंजन वाली सरकार के विकास का एक और मॉडल, जो तीन साल में ही धराशायी हो गया. पिछली सरकार में हुए भ्रष्टाचार, घटिया निर्माण और सरकारी धन की लूट का यह जीवंत उदाहरण है. उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील कर मामले की जांच की मांग की थी.

पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की लूट, भ्रष्टाचार से विकास के मापदंड से दूर होता गया है झारखंड - सीता सोरेन

वही सीएम के जांच के निर्देश पर जामा विधायक सीता सोरेन ने इस मामले में निष्पक्ष जांच के आदेश दिए जाने का स्वागत करती हूं. हाथी उड़ाने वाले पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने पांच साल प्रदेश में लूट, भ्रष्टाचार और गुंडाराज चलाया, जिसके कारण झारखंड विकास के हर मापदंड पर पिछड़ता चला गया.

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