Ranchi : वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दूसरे दिन सोमवार को दावोस में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण राउंड टेबल बैठक का आयोजन किया गया.
इस बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष रमेशकुमार संघवी सहित देश-विदेश के वरिष्ठ नीति निर्माता, विभिन्न कंपनियों के सीईओ और संस्थागत निवेशकों ने भाग लिया.
बैठक के दौरान सतत विकास की कार्ययोजना और उसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में सतत विकास को किस प्रकार व्यवहारिक रूप से आगे बढ़ाया जाए.
जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की उपलब्धता और तेजी से बदलती तकनीक के बीच सरकारों, उद्योगों और निवेशकों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं.
बैठक में यह भी कहा गया कि अब केवल बड़े लक्ष्य तय करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जरूरी यह है कि सतत विकास को वास्तविक अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए सभी क्षेत्रों में प्रभावी रूप से लागू किया जाए. इसके लिए नीतिगत समन्वय, दीर्घकालिक सोच और ठोस क्रियान्वयन की आवश्यकता है.
इस राउंड टेबल बैठक में ऊर्जा, आधारभूत संरचना, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन जैसे प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श हुआ. साथ ही नीति निर्माण में सामंजस्य, प्रबंधन की भूमिका, वैश्विक अस्थिरता के बीच संचालन की चुनौतियां और दीर्घकालिक मूल्य सृजन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई.
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि पायलट परियोजनाओं से आगे बढ़कर अब समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने की जरूरत है. इसके लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सतत विकास को उत्पादकता और आर्थिक प्रगति से जोड़ने पर जोर दिया गया.
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