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लापता होने के सवाल पर बोले सीएम हेमंत- मैं था, मैं हूं और मैं रहूंगा

  • कल्पना सोरेन पहली बार विधायक दल की बैठक में पहुंचीं
  • 40 घंटे बाद हेमंत के ‘प्रकट’ होने पर सियासी हलचल तेज
  • हेमंत सोरेन ने कल ईडी अधिकारियों को आवास पर बुलाया
Satya Sharan/Praveen Ranchi : झारखंड में सियासी हलचल के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 40 घंटे बाद मंगलवार को मीडिया के सामने आए. लापता होने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में सीएम हेमंत सोरेन ने चुप्पी साध ली. हालांकि मीडियाकर्मियों की ओर से बार-बार पूछे जाने पर हेमंत सोरेन ने सिर्फ इतना ही कहा- मैं था, मैं हूं और मैं रहूंगा. हेमंत सोरेन मंगलवार को राजधानी रांची के बापू वाटिका में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू के दिखाए रास्ते हर युग में प्रासंगिक हैं. हम सभी को गर्व होना चाहिए कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जैसे शख्सियत हमारे देश में जन्मे और हमारा मार्गदर्शन किया. देश-दुनिया भी उनके आदर्श और विचारों का अनुसरण करती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी लोग निश्चित रूप से इसके लिए कृतसंकल्पित हैं कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पद चिह्नों में चल कर उनके विचार और संदेश को सदैव आगे बढ़ाते रहें. इस मौके पर मंत्री बन्ना गुप्ता और अन्य विधायकों ने नारेबाजी कर हेमंत सोरेन का हौसला बढ़ाया.

कल्पना सोरेन पहली बार विधायक दल की बैठक में पहुंचीं

इससे पहले सीएम हेमंत सोरेन मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे सामने आए. सीएम आवास से उनका काफिला बाहर निकला और जेएमएम प्रमुख शिबू सोरेन के आवास पर पहुंचा. बाद में सीएम हेमंत बापू वाटिका पहुंचे. इस दौरान सत्तापक्ष के कई विधायक और मंत्री मौजूद थे. इससे पहले सीएम हेमंत सोरेन ने अपने आवास पर सत्तापक्ष के विधायकों के साथ बैठक की. बैठक में झारखंड कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर भी शामिल हुए. जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी विधायक दल की बैठक में पहली बार कल्पना सोरेन भी शामिल हुईं. कल्पना सोरेन ने चंपई सोरेन समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं का पैर छूकर अभिवादन किया.

40 घंटे बाद हेमंत के प्रकट होने पर सियासी हलचल तेज

इससे पहले हेमंत सोरेन 40 घटे तक गायब रहे. हेमंत के दिल्ली जाने की सूचना पर प्रवर्तन निदेशालय के अफसरों ने उनके आवास पर दबिश दी थी. घंटों इंतजार के बाद भी उनके बारे में कुछ पता नहीं चल रहा था. वे कहां थे, इस बारे में चीफ सेक्रेट्री, डीजीपी भी राज्यपाल को सही जानकारी नहीं दे पाए थे. राज्यपाल ने इसे गंभीर स्थिति बताया था. उनकी सुरक्षा में तैनात स्पेशल ब्रांच के अधिकारियों को भी मुख्यमंत्री के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. अगर होगी भी तो वे कुछ बता नहीं पा रहे थे. हेमंत सोरेन के बारे में दो दिनों पहले महज यही जानकारी सबको थी कि वे चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली गए हैं. यह बात भी किसी की समझ में नहीं आई कि ऐसी क्या इमरजेंसी आ पड़ी कि उन्हें चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली जाना पड़ा.

राज्यपाल राधाकृष्णन ने जाताई थी चिंता

पूर्ण बहुमत वाली सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन का इस तरह लापता हो जाना किसी की समझ में नहीं आ रहा था. झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन भी चिंतित थे. उन्होंने मंगलवार को चीफ सेक्रेट्री और डीजीपी को राजभवन तलब किया. राज्य के दोनों बड़े अधिकारी भी उनका कोई सुराग नहीं दे सके. रांची में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राज्यपाल ने मीडिया के सवालों पर सिर्फ इतना ही कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है, उसी तरह उन्हें भी कुछ पता नहीं है. वे खुद उनके बारे में जानना चाहते हैं कि आखिर वे हैं कहां. राज्यपाल ने यह भी कहा कि सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं का रवैया भी ठीक नहीं है. सीएम का कोई पता नहीं और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता हुड़दंग मचाने में व्यस्त हैं.

जमीन घोटाले में सीएम से होनी है पूछताछ

हेमंत सोरेन से जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी उनसे पूछताछ करना चाहते हैं. उन्हें अब तक इस बाबत 10 समन ईडी जारी कर चुका है. आठ समन पर तो वे पूछताछ से बचते रहे, पर नौवें समन पर उन्होंने पूछताछ के लिए ईडी को अपने आवास आने को कहा. ईडी की टीम ने 20 जनवरी को उनसे पूछताछ की भी थी. चूंकि ईडी उनसे कुछ और जानकारी हासिल करना चाहता है, इसलिए उन्हें 10वां समन देकर 27 से 31 जनवरी के बीच का समय मांगा था. उन्होंने उस समन का जवाब 29 जनवरी की शाम तब ईडी को मेल के जरिए भेजा, जब अधिकारियों ने दिल्ली में उनके मौजूद रहने की सूचना पर घर पर दबिश दी. हालांकि वे वहां नहीं मिले. ईडी अफसरों ने घंटों उनका इंतजार किया.

भाजपा ने घोषित कर दिया था 11 हजार का इनाम

हालांकि हेमंत सोरेन की ओर से ईडी को जो मेल भेजा गया है, उसमें उन्होंने 31 जनवरी को अपने आवास पर बुलाया है. पर, इस बीच उनका पता नहीं चल पाने के कारण सबकी चिंता बढ़ गई थी. विपक्षी पार्टी भाजपा ने तो लापता का पोस्टर ही जारी कर दिया था. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ``एक्स`` पर लिखा कि लापता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जानकरी देने वाले को 11 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा. पोस्टर में मुख्यमंत्री का हुलिया और उनका पूरा डिटेल दर्ज था. बाबूलाल मरांडी का कहना था कि यह बहुत ही गंभीर मामला है. 24 घंटा से अधिक समय बीत गया, पर मुख्यमंत्री के बारे में किसी को कुछ पता नहीं है कि वे कहां हैं. राज्य का मुख्यमंत्री गायब है, यह जानकारी राज्य के खुफिया और पुलिस महकमे को भी नहीं. झारखंड में संवैधानिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है. बाबूलाल ने कहा कि आरोप तो मुख्यमंत्री पर है, सरकार पर नहीं. सीएम का पता नहीं और जवाब सीएम सचिवालय भेज रहा है. इसका मतलब यही है कि अफसरों को असलियत मालूम थी और वे छिपा रहे थे. हेमंत सोरेन मंगलवार को सामने आए. महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें माल्यार्पण किया. पत्रकार जब सवाल कर रहे थे कि वे कहां थे, तो वे भड़क गए. इसे भी पढ़ें : हमारा">https://lagatar.in/our-cm-is-himanta-vishwas-sharma-not-ajit-pawar-and-nitish-but-shibus-son-jmm/">हमारा

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