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महज पौने तीन घंटे बाद ही सीएम हेमंत के पत्र का दिखा असर, पर्यटन व इको सेंसेटिव जोन से बाहर हुआ पारसनाथ

 
  • गुरुवार दिन के तीन बजे मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री भूपेंद्र यादव को लिखा पत्र, शाम 5:47 बजे केंद्रीय मंत्री ने जारी किया आदेश  
Ranchi  : जैन धर्म की आस्था का केंद्र सम्मेद शिखरजी को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिखे पत्र का महज पौने तीन घंटे में ही असर दिखा. केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री के पत्र पर त्वरित संज्ञान लेते हुए पारसनाथ के संदर्भ में अगस्त 2019 की अधिसूचना के खंड-3 के प्रावधानों के कार्यान्वयन पर तत्काल रोक लगा दी है. इस खंड में पारसनाथ में पर्यटन और इको टूरिज्म गतिविधियां शामिल किया गया था.

महज पौने घंटे बाद ही हेमंत सोरेन के पत्र का दिखा असर

सीएम ने गुरुवार को दिन के तीन बजे केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र था. पत्र में उन्होंने सम्मेद शिखर की पवित्रता व सुचिता को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में भारत सरकार की अधिसूचना संख्या 2795, दिनांक 2 अगस्त 2019 के संदर्भ में समुचित निर्णय लेने का आग्रह किया था. यह अधिसूचना केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जारी की थी. मुख्यमंत्री के लिखे पत्र के महज पौने दो घंटे बाद यानी शाम 5:47 बजे केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर बताया कि पारसनाथ में पर्यटन, इको टूरिज्म गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी गई है. इसे भी पढ़ें – रिम्स">https://lagatar.in/rims-after-36-hours-the-security-personnel-and-trolley-man-returned-to-work-the-patients-remained-light-due-to-the-strike-throughout-the-day/">रिम्स

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