- सीएम ने कहा- आपलोगों ने सुविधा-संपन्न होते हुए भी राज्य का विकास क्यों नहीं किया
- आपकी दी हुई ध्वस्त व्यवस्था को सुधारने में लगे हैं
- विपक्ष ने वादों का मांगा हिसाब, सीएम ने दिया भाजपा को जवाब
- सीएम के जवाब से नाराज बीजेपी विधायकों ने सदन का बायकॉट किया
- सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित
राम के संपर्क में थे एक दर्जन से अधिक विधायक व नेता, कॉल रिकॉर्ड से खुलासा
इन्हें सच सुनने की आदत नहीं है
सीएम ने विपक्ष को घेरते हुए कहा- आपने जो व्यवस्था दी है, वह पूरी तरह से ध्वस्त मिली. उसे तो अभी सुधारने में जुटे हैं. इसमें तो समय लगेगा ही. आगे बढ़ने के लिए अतीत में झांकना जरूरी होता है. झारखंड का अतीत भाजपा का शासन काल रहा. इसलिए एक-एक चीज को समझृ बुझकर ठीक कर रहे हैं. मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बीच में ही भाजपा के विधायक सदन से बाहर निकल गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हें सच सुनने की आदत नहीं है. सच तो कड़ुवा होता है.
चीफ जस्टिस की तारीफ की
मुख्यमंत्री ने जोहार शब्द का जिक्र करते हुए भाजपा पर चुटकी ली. कहा कि ये लोग जोहार बोलने से बचते हैं. मगर अपने कार्यालय के द्वार पर जोहार शब्द का परमानेंट बोर्ड लगा दिया है. चलिए किसी कारण भी जोहार शब्द को अंगीकार तो कर रहे हैं. उन्होंने झारखंड उच्च न्यायालय के नए चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने शपथ लेने के पूर्व जोहार कहा. यह काबिले तारीफ है.
जब भानु को कह दिया, ये देखें दवा घोटाले वाले को
इससे पहले सीएम के भाषण के दौरान भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही खड़े होकर सीएम के भाषण का विरोध करने लगे. तब सीएम ने लगे हाथ कह दिया कि ये देखिए दवा घोटाले वाले को. कैसे चिल्ला रहे हैं.
भाजपा ने सरकार से मांगा वादों का हिसाब
इससे पूर्व भाजपा विधायक विरंची नारायण, अनंत ओझा और नवीन जायसवाल ने सरकार में शामिल कांग्रेस और झामुमो से अपने किए गए वादों का हिसाब मांगा. नवीन जायसवाल ने यहां तक कह दिया कि अगर पूर्ववर्ती सरकार की ही नीतियां (2016 की नियोजन नीति) लागू करनी है, तो फिर तीन साल से प्रयोग क्यों किया गया. जब खतियान आधारित स्थानीय नीति बनी ही नहीं, तो फिर काहे का जोहार यात्रा निकाली जा रही है. सरकार को तो प्रायश्चित यात्रा निकालनी चाहिए. उन्होंने कहा कि स्थानीय नीति केंद्र देगा, ओबीसी आरक्षण केंद्र देगा, सरना धर्म कोड केंद्र देगा, तो आप क्यों बैठै हैं. क्यों जनता और युवाओं को धोखा दिया. कहां गया हर साल पांच लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा. कहां गया बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा. कहां गया 1932 की स्थानीय नीति. अब तक कितने स्थानीयों को मिली निजी क्षेत्र में नौकरी. भाजपा विधायक अमित कुमार यादव ने कहा कि यह सरकार हमारी नहीं, अपनी सेवा की सरकार है.
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