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20 हजार मांगी थी रिश्वत
थाना में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, दोनों अभियुक्तों पर अनुसूचित जनजाति, अनसूचित जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग विभाग अंतर्गत धुमकुड़िया भवन निर्माण आवंटन के लिए शिकायतकर्ता (वादी) उमाशंकर बैगा से 20,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई, जो सरकारी पद का दुरूपयोग माना गया था. शिकायतकर्ता उमाशंकर बैगा रिश्वत नहीं देना चाहता था. इस बात की सूचना उसने पलामू एसीबी पुलिस अधीक्षक (एसपी) को दी. इस बात के सत्यापन का जिम्मा पुलिस निरीक्षक (एसआई) नागेन्द्र कुमार मंडल को दिया गया. सत्यापन के क्रम में आरोप के सत्यता की पुष्टि हुई और रिश्वत की राशि के साथ दोनों अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया. जिसके बाद थाने में एफआईआर दर्ज करायी गई थी. इसे भी पढ़ें - सुप्रीम">https://lagatar.in/supreme-court-grants-interim-bail-to-alt-news-co-founder-mohammad-zubair-orders-release/">सुप्रीमकोर्ट ने ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर को अंतरिम जमानत दी, रिहा करने का आदेश [wpse_comments_template]

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