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भूमि घोटाले की जांच सीबीआई या सिटिंग जज से कराएं सीएम : बाबूलाल

  • हेमंत सोरेन को लिखा पत्र
  • राज्य गठन से लेकर अब तक हुए भूमि घोटाले की जांच करायी जाये
Ranchi : पूर्व सीएम एवं भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. इसमें सीएम से राज्य गठन से लेकर अब तक हुए भूमि घोटाले की जांच सीबीआई या उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से कराने की मांग की है. कहा है कि जमीन महाघोटाले में ईडी द्वारा की जा रही मनी लांड्रिंग की जांच आगे बढ़ने से हैरान करने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं. यह बात भी सामने आने लगी है कि रांची ही नहीं बल्कि राज्य के कई जिलों में ऐसे कई जमीन माफिया सक्रिय हैं, जिन्होंने जमीन के कागजात के रखरखाव में सरकारी सिस्टम की कमजोरी और कमी का फायदा उठाकर जालसाजी की. हेराफेरी के बल पर सरकारी, गैर सरकारी, गरीब, पिछड़े, दलित, आदिवासियों की जमीन लूटने का कीर्तिमान कायम किया है.

सिंडिकेट बनाकर काम को दिया गया अंजाम

बाबूलाल ने कहा है कि सरकारी सिस्टम की कमी का फायदा उठाकर जालसाजी में माहिर हर्षद मेहता व अब्दुल करीम तेलगी टाइप काम करने वाले कई जमीन माफियाओं ने दलाल, बिचौलिया, जालसाज, गुंडे, प्रशासन, पुलिस और सत्ता संरक्षित नीचे से ऊपर तक बैठे कुछ बेईमान लोगों का सिंडिकेट बनाकर इन कामों को अंजाम दिया है. ताकि विरोध में उठने वाली हर आवाज को किसी भी स्तर पर दबाया जा सके. ये जमीन माफिया अपने काम में इतने माहिर हैं कि जिस जमीन को हथियाना होता है, वहां पहले हर स्तर पर नीचे से ऊपर तक के अधिकारियों, गुंडों, दलालों, बाहुबलियों से सांठगांठ करते हैं. फिर ऐसा धावा बोलते हैं कि आम आदमी, गरीब आदिवासी उस जमीन को इन बिचौलियों से बचाने के लिए पहले से मैनेज सिस्टम के सामने चाहकर भी कुछ नहीं कर पाते हैं. हताश होकर करप्ट सिस्टम/सिंडिकेट के सामने हार मान लेते हैं.

इतने बड़े घोटाले की जांच करना अकेले ईडी के बस की बात नहीं

मरांडी ने कहा कि राज्य में ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं, जहां जमीन कब्जे का विरोध करने वालों को ही इन माफियाओं ने पुलिस से मिलीभगत कर जेल भिजवाने का काम किया है. ताकि राज्य की जनता को यह मैसेज दिया जा सके कि जो भी इन माफियाओं का विरोध करेगा, वो तंग-तबाह हो जायेगा. गिरिडीह में तो जमीन माफिया ने विरोध करने वाले एक व्यक्ति को धारा 107 के तहत चार महीने जेल में डलवा दिया. कल्पना करिये, भला कौन दूसरा आदमी ऐसे जमीन माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत करेगा या सोचेगा. झारखंड में जमीन के इस महाघोटाला का पूरा पर्दाफाश करना अकेले ईडी के बस की बात नहीं है.

सिटिंग जज की अध्यक्षता में बने जांच आयोग

मरांडी ने सीएम से कहा है कि मेरे मुख्यमंत्रित्व काल से लेकर अबतक के सारे जमीन हस्तांतरण, म्यूटेशन और जमीन क़ब्जा करने/कराने के मामलों की जांच सीबीआई को सौंप दें या उच्च न्यायालय के सिटिंग जज की अध्यक्षता में जांच कराने का आदेश दें ताकि झारखंड की जनता को यह पता चल सके कि किन लोगों ने किस-किस के सहयोग से झारखंड को जमीन लूट महाखंड बनाने का काम किया है. इसे भी पढ़ें – प्रथम">https://lagatar.in/first-jharkhand-state-atya-patya-coach-referee-official-course-completed/">प्रथम

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