अभ्यर्थी जानते हैं कि यह नियुक्ति रघुवर सरकार की देन
उन्होंने कहा कि जहां तक शिक्षकों की नियुक्तियों का सवाल है, तो जनता और अभ्यर्थी जानते हैं कि यह नियुक्ति रघुवर सरकार की देन है. इससे संबंधित विज्ञापन रघुवर सरकार के कार्यकाल में 2016 में निकाला गया था. परीक्षाएं भी भाजपा सरकार में हुई थीं, लेकिन कुछ कारणों से जब मामला कोर्ट में गया, तो इसी हेमंत सरकार ने महंगे वकीलों के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया का विरोध कराया. इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला दिया और राज्य सरकार को नियुक्ति के लिए निर्देश दिया. इससे साफ हो गया कि रघुवर सरकार की नियुक्ति प्रक्रिया संवैधानिक रूप से सही थी.यह विचित्र सरकार है
दीपक प्रकाश ने कहा कि यह विचित्र सरकार है, जो एक तरफ नियुक्ति प्रक्रिया का विरोध करने के लिए भी पैसा पानी की तरह खर्च करती है, दूसरी तरफ उसी विज्ञापन से संबंधित नियुक्ति पत्र बांटकर विज्ञापन के माध्यम से करोड़ों रुपए खर्च कर अपना पीठ भी थपथपाती है. इसे भी पढ़ें – 15">https://lagatar.in/complete-pending-schemes-by-june-15-under-any-circumstances-agriculture-secretary/">15जून तक हर हाल में पूरी करें लंबित योजनाएं : कृषि सचिव [wpse_comments_template]

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