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सीएम ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र, सम्मेद शिखर पर 2 अगस्त 2019 की अधिसूचना रद्द करने की मांग

 
Ranchi: पारसनाथ स्थित सम्मेद शिखर मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखा है. लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से सम्मेद शिखर की पवित्रता व सुचिता को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में पहल की है. उन्होंने भारत सरकार की अधिसूचना संख्या 2795, दिनांक 2 अगस्त 2019 को निरस्त करने की मांग की है. यह अधिसूचना केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जारी किया था. इसे पढ़ें- मुख्य">https://lagatar.in/big-relief-to-the-chief-secretary-from-the-high-court-the-double-bench-stayed-the-contempt-notice/">मुख्य

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जैन समाज ने अधिसूचना रद्द करने को लेकर दिया है आवेदन

बता दें कि केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 को तत्कालीन रघुवर सरकार की अनुशंसा पर पारसनाथ को पर्यटन सहित पारिस्थितिक पर्यटन (इको-टूरिज्म) क्षेत्र के रूप में मंजूरी दी थी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पत्र में लिखा है कि जैन अनुयायियों भारत सरकार की अधिसूचना को निरस्त करने की मांग को लेकर उन्हें आवेदन दिया गया है. आवेदन में जैन अनुयायियों को पारसनाथ को पर्यटन सहित पारिस्थितिक पर्यटन (इको-टूरिज्म) क्षेत्र घोषित करने पर आपत्ति जतायी है. वास्तविकता यही है कि भारत सरकार की अधिसूचना को निरस्त केवल केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ही कर सकता है. इसे भी पढ़ें- हाईकोर्ट">https://lagatar.in/high-court-government-lawyers-will-be-involved-in-judicial-work-on-january-6-7-read-what-the-advocate-general-said-in-the-press-conference/">हाईकोर्ट

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झारखंड पर्यटन नीति 2021 में पारसनाथ को धार्मिक तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने का है उल्लेख

पत्र में मुख्यमंत्री ने यह भी लिखा है कि पारसनाथ सम्मेद शिखर पौराणिक काल से ही जैन समुदाय का विश्व प्रसिद्ध पवित्र एवं पूजनीय तीर्थ स्थल रहा है. इस स्थल को जैन धार्मिक महत्व के कारण झारखंड पर्यटन नीति 2021 में पारसनाथ को धार्मिक तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने का उल्लेख है. सरकार ने पर्यटन सचिव की अध्यक्षता में पारसनाथ पर्यटन विकास प्राधिकार गठित किया है. जिसमें छह गैर-सरकारी निदेशकों को भी सदस्य बनाया जाना है. प्राधिकार का गठन होने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं के धार्मिक भावना के अनुसार क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन हो सकेगा. इसके अलावा गिरिडीह उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को भी पारसनाथ स्थल की पवित्रता बनाए रखने का आवश्यक निर्देश दिया गया है. [wpse_comments_template]
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