सभी अस्पतालों में मरीजों को 24 घंटे इलाज की सुविधा मिले
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के सभी सरकारी अस्पताल 24×7 फंक्शनल होने चाहिए. इस दिशा में चिकित्सक और पैरामेडिकल कर्मी अस्पतालों में हमेशा उपलब्ध होने चाहिए ताकि मरीज कभी भी आएं तो उनका इलाज सुनिश्चित हो सके. मुख्यमंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों को और बेहतर तथा अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करने का भी निर्देश दिया.सदर अस्पतालों को भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा मिले
मुख्यमंत्री ने सभी सदर अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी ऐसी व्यवस्था हो, इस दिशा में भी कदम उठाए जाएं. सदर अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सक होने से मरीलों को बेवजह मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में रेफर करने से काफी हद तक निजात मिलेगी.हॉस्पिटल मैनेजमेंट की व्यवस्था सुनिश्चित करें
सीएम ने कहा कि अस्पतालों में अक्सर अव्यवस्था की शिकायतें मिलती रहती हैं. इससे मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अस्पतालों में किसी मरीज को बेड नहीं मिल पाता है, तो किसी को जांच करने में असुविधा होती है. ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी रहती है. अस्पताल में ऐसी अव्यवस्था नहीं दिखे, इसके लिए हॉस्पिटल मैनेजमेंट को मजबूत और दुरुस्त करें, ताकि मरीजों को इलाज से संबंधित सारी जानकारियां सहूलियत से मिल सकें. अस्पतालों के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रोफेशनल्स की सेवा लें.किडनी मरीजों को पेरीटोनियल डायलिसिस की सुविधा दें
सीएम ने कहा कि किडनी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में अस्पतालों में डायलिसिस के लिए मरीजों को लंबा इंतजार भी करना पड़ता है. ऐसे में किडनी मरीजों को पेरीटोनियल डायलिसिस के लिए सभी जरूरी दवा और उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग आगे बढ़े, ताकि वे अपने घर पर खुद डायलिसिस कर सकें.कैंसर मरीजों का डेटा तैयार करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कैंसर के मरीज बड़ी संख्या में बढ़ रहे हैं. यह बीमारी लोगों को तेजी से अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है. ज्यादातर कैंसर के मरीज इलाज के लिए राज्य के बाहर के बड़े अस्पतालों में जाते हैं. ऐसे में अपने राज्य में कैंसर मरीजों का पूरा डेटा तैयार करें , ताकि उनके बेहतर इलाज की दिशा में राज्य सरकार आगे बढ़ सके.पांच नए मेडिकल कॉलेजों को पूरी तरह फंक्शनल बनाएं
मुख्यमंत्री ने राज्य में पांच नये मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के निर्माण कार्य के प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली. उन्होंने कहा कि इन सभी अस्पतालों को जल्द से जल्द पूरी तरह फंक्शनल बनाएं ताकि मरीजों को रिम्स अथवा अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करने करने की कम नौबत आए. उन्होंने सुदूर और दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के बेहतर संचालन के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीण मरीजों को सामान्य बीमारियों के इलाजों के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़े.रिम्स की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दिए ये निर्देश
- रिम्स परिसर में निर्माणाधीन क्षेत्रीय नेत्र संस्थान अगले वर्ष फरवरी तक शुरू हो जाना चाहिए.
- सभी विभागों के ओपीडी और जांच की सुविधा एक ही बिल्डिंग में उपलब्ध कराई जाए.
- अस्पताल में नए और अत्याधुनिक चिकित्सीय जांच उपकरण लगाए जाएं. पुराने और आउटडेटेड उपकरणों को स्क्रैप करें.
- जरूरत के अनुरूप विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी हो.
- रिम्स में जिन मरीजों का सफल इलाज हो चुका है और सिर्फ उचित नर्सिंग तथा देखभाल की जरूरत है, उन्हें सदर अस्पताल में शिफ्ट करें. ● रिम्स में जिन विभागों पर मरीजों का बोझ बहुत ज्यादा है, उन्हें सदर अस्पताल में शिफ्ट करें. इसके लिए सदर अस्पताल में इलाज की सारी सुविधाएं होनी चाहिए.
- रिम्स परिसर से अतिक्रमण हटाने की दिशा में समुचित कदम उठाएं
- रिम्स परिसर में अवांछित तत्वों के प्रवेश पर रोक के लिए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करें.
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