मादक पदार्थों के कारोबार पर रोक के लिए अभियान चलाएं
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाकर लोगों को कानून की जानकारी दें. शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के सभी विद्यालयों छात्र-छात्राओं को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान की जानकारी दें. जागरूकता से ही नशा के सेवन में कमी आएगी. मादक पदार्थों के के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के लिए प्लान के साथ आगे बढ़ें. सीएम ने कहा कि विगत वर्षों से पुलिस ने अभियान चलाकर हजारों एकड़ में अफीम की फसल नष्ट भी की है, इसके बावजूद वन भूमि में अफीम के धंधे को पूरी तरह रोक पाना मुमकिन नहीं हो पाया है. वन विभाग के साथ समन्वय बना कर अफीम की खेती को जड़ से नष्ट करें.अफीम की खेती वाले क्षेत्रों में पुलिस की जिम्मेदारी तय करें
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि अफीम की खेती वाले इलाकों के थाना प्रभारी, चौकीदार व वनकर्मियों की जवाबदेही जय करें. जिला पुलिस अभियान चलाकर लोगों को नशीले पदार्थ की खेती करने पर मिलने वाली सजा की जानकारी दे. अफीम सहित किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ की खेती व कारोबार कानूनन जुर्म है.साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्ती बरतें
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध पर रोक लगाना चुनौती साबित हो रही है. पुलिस अधिकारी साइबर अपराध से निबटने के लिए स्ट्रांग सेटअप तैयार करें. जल्द से जल्द टेक्निकल सेल का गठन कर टेक्निकल ऑफिसर की तैनाती करें. आधुनिक तकनीक का उपयोग कर साइबर अपराध को कम किया जा सकता है. इस पर पुलिस पदाधिकारियों ने बताया कि `प्रतिबिंब एप` के जरिए 1281 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि 330 पर एफआईआर दर्ज की गई हैं. उनके पास से 3493 सिम कार्ड व 2524 मोबाइल जब्प्त किए गए हैं.अवैध माइनिंग से नदियों का अस्तित्व खतरे में
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में अवैध माइनिंग गतिविधियों पर हर हाल में रोक लगनी चाहिए. किसी भी प्रकार की अवैध माइनिंग स्वीकार्य नहीं है. अवैध माइनिंग की वजह से राज्य की छवि धूमिल होती है. नदियों से अवैध बालू उठाव पर भी हर हाल में रोक लगाएं. क्योंकि इससे नदियों का अस्तित्व खतरे में है. अब नदियों से बालू की जगह मिट्टी भी उठाई जा रही है. अवैध माइनिंग पर विशेष कार्ययोजना बनाकर रोक लगाना सुनिश्चित करें.अग्निशमन सेवा को सुदृढ़ करें
सीएम ने अधिकारियों को अग्निशमन सेवा को सुदृढ़ करते हुए इससे लोगों जोड़ने का निर्देश दिया. कहा कि पुलिस के लिए वाहन व हथियार आदि खरीदारी शीघ्र करें. जेल में कैदियों को दिए जाने वाले भोजन, चिकित्सा सहित अन्य सुविधाओं की समीक्षा करें और जरूरत के अनुसार बजट बढ़ाने पर विचार करें. कैदियों को कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए सरकारी अधिवक्ता की सुविधा दें.बैठक में ये अधिकारी रहे शामिल
बैठक में राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, डीजीपी अनुराग गुप्ता, प्रबंध निदेशक पुलिस हाउसिंग अजय कुमार सिंह, डीजी हेडक्वार्टर आरके मल्लिक, डीजी होमगार्ड अनिल पालटा, एडीजी ऑपरेशन संजय आनंद लाटकर, आईजी ऑपरेशन एवी होमकर, आईजी सीआईडी असीम विक्रांत मिंज, आईजी प्रोविजन पंकज कंबोज, आईजी कारा सुदर्शन मंडल, आईजी स्पेशल ब्रांच प्रभात कुमार, एसपी एटीएस ऋषभ सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे.यह भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-dgp-appointment-case-government-sent-reply-to-upsc/">झारखंड
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