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पलामू में चल रहा सीएनटी जमीन लूट का खेल, खुला राज तो रद्द कर दिया मोटेशन

सदर अंचल के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत का है आरोप  Sanjeet Yadav Palamu : पलामू में सीएनटी और सरकारी जमीन लूट का खेल चल रहा है. अंचलकर्मियों की मिलीभगत से दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर उसका नेचर ही बदल दिया जा रहा है. फिर मोटी रकम में उस जमीन की डील कर बेच दी जा रही है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है. एनएच-75 रांची रोड के जोरकट के पास खाता नंबर 75, प्लॉट नंबर 356 में 44 डिसमिल आदिवासी जमीन को सामान्य बनाकर बेच दिया गया. जब मामले का खुलासा हुआ तो अंचल के अधिकारियों और कर्मियों के हाथ-पांव फुलने लगे. आनन-फानन में मोटेशन के साथ केवाला को भी रद्द कर दिया गया. अब इस जमीन की रजिस्ट्री से लेकर मोटेशन तक पर सवाल उठ रहे हैं. मामले में रजिस्ट्रार ऑफिस के अधिकारियों का कहना है कि रजिस्ट्री करने समय जिस-जिस कागजात की आवश्यकता होती है, उसे सदर अंचल से मांग की गई थी. सदर अंचल द्वारा कागजात उपलब्ध कराने के बाद ही रजिस्ट्री की गई थी, लेकिन जैसे ही पता चला कि सीएनटी जमीन है, तुरंत केवाला को कैंसिल कर दिया गया. इस मामले को लेकर जब `लगातार` और `शुभम संदेश` की टीम ने सदर सीओ झुनु मिश्रा से बात की तो वह बचते नजर आए. केवल इतना कहा केवाला और मोटेशन को रद्द कर दिया गया है. आरोप है कि सदर अंचल के कुछ कर्मचारी सदर अंचल क्षेत्र में घूम-घूमकर सरकारी और आदिवासी जमीन का पता लगाते हैं, फिर सदर अंचल के पदाधिकारियों से मिलीभगत कर जमीन के दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर उसका नेचर ही बदल दिया जाता है. अगर गहराई से इसकी जांच हुई तो कई बड़े मामले उभरकर सामने आएंगे. इसे भी पढ़ें : गुमला:">https://lagatar.in/gumla-bomb-explodes-in-hand-schoolboy-badly-scorched/">गुमला:

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क्या कहते हैं अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता 

इस मामले को लेकर अधिवक्ता रुचिर कुमार तिवारी ने कहा कि छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति आदिवासी की जमीन नहीं खरीद सकता है. अगर आदिवासी उस जमीन को खरीदा है तो पलामू उपायुक्त से परमिशन कराने के बाद ही खरीदा जा सकता है, लेकिन वर्तमान में अंचल पदाधिकारियों एवं अन्य बड़े पदाधिकारियों की मिलीभगत से आदिवासी खाता की जमीन के नेचर को ही बदल दिया जा रहा है और उसके आधार पर ही रजिस्ट्री करवाया जा रहा है, जो गैरकानूनी है. ऐसे मामले में उन पदाधिकारियों पर दफा 420 के अंतर्गत कार्रवाई होनी चाहिए. सामाजिक कार्यकर्ता सह आजसू नेता सतीश कुमार ने मेदनीनगर सदर अंचल अधिकारी जेके मिश्रा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. सतीश का आरोप है कि जेके मिश्रा ने भू- माफियाओं से मिलकर सैकड़ों गरीबों की जमीन को जैसे-तैसे कर दिया है. इसको लेकर हमने कई बार आवाज बुलंद की. उन्होंने कहा कि सदर अंचल के अधिकारियों द्वारा हवाईअड्डा, भुसही हाउसिंग कॉलोनी समेत कई गांव के गरीबों की जमीन की हेराफेरी कर दी गई. सतीश ने मुख्य सचिव सुखदेव सिंह से मामले की गहराई से जांच कराने और हेराफेरी करने वालों की संपत्ति की जांच कराने की मांग की है. इसे भी पढ़ें : बक्सर">https://lagatar.in/buxar-accident-of-pappu-yadavs-convoy-11-people-injured-vehicles-blown-up/">बक्सर

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