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12 फरवरी से कोयला खदानों में थम सकता है काम, JCMU ने दी देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी

झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन (जेसीएमयू), जो सीटू से संबद्ध है,उन्होंने औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 22(1) के तहत कोल इंडिया लिमिटेड को हड़ताल का औपचारिक नोटिस सौंप दिया है.
 

Ranchi : झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन (जेसीएमयू), जो सीटू से संबद्ध है,उन्होंने औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 22(1) के तहत कोल इंडिया लिमिटेड को हड़ताल का औपचारिक नोटिस सौंप दिया है.यूनियन ने 12 फरवरी से देशव्यापी हड़ताल पर जाने की घोषणा की है. इस संबंध में 23 जनवरी को कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा गया है.

 

यूनियन ने अपने पत्र में कहा है कि चार श्रम संहिताओं के लागू किए जाने, कोयला उद्योग में निजीकरण और विनिवेश की नीतियों व श्रमिकों के मौलिक अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर व्यापक असंतोष है. पत्र में स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित हड़ताल पूर्णत: शांतिपूर्ण, अनुशासित और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित की जाएगी.

 

यूनियन ने कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों के ठेकेकरण और निजीकरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. साथ ही भारत में कोयला उद्योग में वाणिज्यिक खनन बंद करने, कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड में विनिवेश की प्रक्रिया रोकने और सहायक कंपनियों के शेयरों के विक्रय की योजनाएं निरस्त करने की मांग की गई है.

 

यूनियन ने आउटसोर्सिंग के तहत निजी कंपनियों को दिए गए कार्यों को रद्द करने, कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने और सेवानिवृत्त गैर-कार्यकारी कर्मचारियों को 20 लाख रुपये की ग्रेच्युटी 1 जनवरी 2017 से लागू करने की भी मांग उठाई है. इसके अतिरिक्त वेतन समझौते को समय पर लागू करने के लिए जेबीसीसीआई-11 का गठन सुनिश्चित करने की मांग की गई है.

 

हड़ताल की सूचना को कोल इंडिया के विभिन्न अनुषंगी उपक्रमों के सीएमडी, श्रम आयुक्त और संबंधित प्राधिकरणों को भी प्रेषित किया गया है. यूनियन ने कहा है कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो 12 फरवरी से हड़ताल शुरू की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रबंधन पर होगी.

 

 


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