`क्वार्टरों में लोग रहेंगे, तभी मास्टर प्लान होगा सार्थक `
पत्रकारों से मुखातिब होते हुए टीम में शामिल कोल मंत्रालय के तकनीकी निदेशक पीयूष कुमार ने क्वार्टरों और व्यवस्था पर संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि झरिया मास्टर प्लान के तहत पुनर्वास के लिए बने क्वार्टरों में जब तक लोग नहीं रहते हैं, तब तक प्लान सार्थक नहीं होगा. टीम यही जानने का प्रयास कर रही है कि इन आवासों और व्यवस्था में क्या कमी है या कुछ और दिक्कत है, जिस कारण लोग यहां नहीं आना चाहते हैं. इसके लिए आगे क्या कुछ किया जा सकता है.`लोग असुरक्षित नहीं मानते तो नहीं हटाया जाएगा `
फिर भी अगर झरिया के लोग खुद को झरिया में असुरक्षित नहीं समझते हैं और वे वहीं रहना चाहते हैं तो उन्हें जबरदस्ती हटाया भी नहीं जाएगा. ऐसी स्थिति में सरकार बनाए गए क्वार्टरों को किसी अन्य को दे देगी. सरकार के पैसे का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा. बताते चलें कि करोड़ों रुपये की लागत से पुनर्वास के लिए बनाए गए बेलगड़िया टाउनशिप और कर्माटांड़ बीसीसीएल कॉलोनी के सारे आवास खाली पड़े हैं, जो अब खंडहरों में तब्दील होते जा रहे हैं. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/child-marriage-no-longer-takes-place-in-dhanbads-sokhakulhi/">धनबादके सोखाकुल्ही में अब नहीं होता बाल विवाह [wpse_comments_template]
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