मोदी के मन की बात में देश की वैज्ञानिक क्षमता, घरेलू पेटेंट, E-Waste, पर्यावरण पर चर्चा
alt="" width="600" height="257" /> कार्यक्रम की शुरुआत आरंभ माता सरस्वती की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्जवलन, पुष्प अर्पण एवं सरस्वती वंदना से हुई. राजेन्द्र राज ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की. तत्पश्चात् कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए. इसमें "साधो ऐसो ही दिन जात, काको नाम पतित पावन जग, राम का गुणगान करिये" पंकज झा के इस मधुर भजन प्रस्तुति से सभागार वसंतोत्सव के रंग में रंग गया. उन्होंने राग भैरवी, राग हमीर, राग विहाग, ख्याल, टप्पा और डॉ सनातन दीप ने राग देश, राग भीम प्लासी, ठुमरी एवं राग दरबारी में भजनों की प्रस्तुति दी. सनत सरकार, अशोक दास, शाहिद अनवर, संतोष राय तथा अभिजीत ने विभिन्न वाद्य यंत्रों पर संगत किया. इसके पश्चात `रागिनी म्यूजिक अकादमी` के कलाकारों ने रंगारंग नृत्य प्रस्तुत किये. इस अवसर पर यमुना तिवारी `व्यथित`, डॉ अजय कुमार ओझा, डॉ रागिनी भूषण, डॉ शकुन्तला पाठक, अशोक पाठक `स्नेही`, कैलाश नाथ शर्मा `गाजीपुरी`, वीणा पाण्डेय `भारती`, सुरेश चन्द्र झा, नीता सागर चौधरी, मंजू ठाकुर, प्रकाश वदन मेहता, वरुण कुमार, ममता सिंह, वसंत जमशेदपुरी, बलबिन्दर सिंह, जितेश कुमार तिवारी समेत कई साहित्यकार व साहित्य प्रेमी उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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