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राज्यस्तरीय कला महोत्सव का रंगारंग आगाज, 24 जिलों के 641 प्रतिभागी करेंगे प्रदर्शन

Ranchi: स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग भारत सरकार का प्रमुख कार्यक्रम कला महोत्सव के राज्यस्तरीय कला महोत्सव का रंगारंग आगाज मंगलवार को रातू स्थित झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में हुआ. माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित दो दिवसीय कला महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक आदित्य रंजन ने किया. उदघाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के अलावा पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन सोरेंग, जेसीईआरटी के उपनिदेशक प्रदीप चौबे, एसडीईओ नवीन बारा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए. उद्घाटन कार्यक्रम की शुरआत गिरिडीह की छात्राओं द्वारा मन की वीणा संगीत के साथ की गयी. छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुति के बाद पद्मश्री मधु मंसूरी ने झारखंड कर कोरा गीत प्रस्तुत कर समा बांध दिया. बता दें कि 2023 के राष्ट्रीय कला महोत्सव में झारखंड ने 10 में से 3 पदक अपने नाम किया था. उदघाटन समारोह के दौरान राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक शशि रंजन ने अपने संबोधन में प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अपनी कलात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित कर भविष्य में उसे एक करियर विकल्प के रूप में निखारने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि अपने जीवन का उदहारण देते हुए प्रतिभागियों को देश की सबसे कठिन परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग में भी कलात्मक प्रतिभाओं के महत्त्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति 2020 की अवधारणा के अनुरूप कला उत्सव का आयोजन किया जा रहा है.

शराब पीकर कला का प्रदर्शन करना भारतीय संस्कृति का अपमान है

उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित मधु मंसूरी ने कहा कि आज कल शराब पीकर कला का प्रदर्शन करना एक फैशन बन गया है. यह ना केवल कला संस्कृति का बल्कि भारतीय भूमि का भी अपमान है. उन्होंने कहा कि कला के प्रदर्शन और उसे सीखने में व्यस्त रहना हमें स्वस्थ जीवन और सुख देता है. हमें कला संस्कृति को प्रोत्साहित करना चाहिए, ना की कला संस्कृति का नाम लेकर कुरीतियों की संगत में आना चाहिए.

कला महोत्सव के विजेताओं को मिलेगा नकद इनाम

राज्यस्तरीय कला महोत्सव 2024 में कुल छह कला विधाओं में विजेताओं को प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर मिलेगा. इनमें शास्त्रीय संगीत, संगीत वादन, नृत्य, थियेटर, दृश्य कला और पारंपरिक कहानी वाचन शामिल है. इन विधाओं के विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 25,000, 20,000 और 15000 रुपये का नकद इनाम मिलेगा. साथ ही इन्हें प्रमाण पत्र भी मिलेगा. विजेता प्रतिभागियों को नयी दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कला महोत्सव में झारखण्ड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा. बता दें राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में 24 जिलों के 641 कलाकार भाग ले रहे हैं. इसे भी पढ़ें - चिन्मय">https://lagatar.in/chinmoy-krishna-dass-lawyer-raman-roy-attacked-admitted-in-icu/">चिन्मय

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