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वाणिज्यकर विभाग : राजस्व वसूली में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 18422 करोड़ के लक्ष्य की तुलना में आया 19,750 करोड़

Ranchi  :  वाणिज्यकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में राजस्व वसूली के तय लक्ष्य से अधिक का अचीवमेंट हासिल किया है. यह अचीवमेंट करीब 107 प्रतिशत है. वाणिज्य कर विभाग की सचिव आराधना पटनायक ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021- 22 में 18,422 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य था.  इसकी तुलना में विभाग ने 19,750 करोड़ रुपये हासिल किये हैं. झारखंड सरकार का यह एक रिकॉर्ड है. अभी तक विभाग अधिकतम 16,000 करोड़ रुपये तक ही राजस्व लक्ष्य हासिल कर पाया था. वित्तीय वर्ष 2020- 21 में विभाग ने कुल 16,147 करोड़ लक्ष्य हासिल किय़ा था. स्पष्ट है कि 2020- 21 की तुलना में इस वर्ष 3500 करोड़ अधिक राजस्व हासिल हुआ है.

टीम के सभी सदस्यों को सम्मानित किया गया

कोरोना काल में विभाग द्वारा संग्रह की गयी रिकॉर्ड राजस्व वसूली अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. विभागीय सचिव बुधवार को कांके रोड स्थित उत्पाद भवन में मीडिया को संबोधित कर रही थीं. उन्होंने बताया कि राजस्व संग्रह में बेहतर प्रदर्शन को देख इस काम में लगे टीम के सभी सदस्यों को आज एक कार्यशाला आय़ोजित कर सम्मानित किया गया है. इसे भी पढ़ें -  बिहार-झारखंड">https://lagatar.in/80-automatic-ticket-vending-machines-installed-at-24-railway-stations-of-bihar-jharkhand/">बिहार-झारखंड

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बेहतर प्रदर्शन में इंटेलिजेंस व रेवेन्यू एनालिसिस विंग की भूमिका

अराधना पटनायक ने कहा कि राजस्व संग्रह में इस बेहतर प्रदर्शन के पीछे विभाग की इंटेलिजेंस और रेवेन्यू एनालिसिस विंग (यूनिट) का हाथ है. विंग द्वारा उन सेक्टरों पर विशेष फोकस किया गया, जो राजस्व सेक्टरों में विशेष भूमिका निभाते हैं. इसके अलावा कम टैक्स पेयरों का ऐसेसमेंट कर उनसे टैक्स वसूली पर विशेष जोर दिया गया. अराधना पटनायक ने कहा कि विभाग की यह निरंतर प्रक्रिया है. इस प्रक्रिया को आगे भी बढ़ाया जाएगा, ताकि 2022-23 में राजस्व संग्रहण में बढ़ोतरी हो सके.

विभाग अब अपने राजस्व के स्रोत को बेहतर बनाएगा

केंद्र सरकार से मिलने वाली क्षतिपूर्ति को लेकर विभागीय सचिव ने कहा कि अभी तक करीब 4,000 करोड़ रुपये यह मिलता था. वह अगले वित्तीय वर्ष 2022- 23 में कम जाएगा. वित्तीय वर्ष 2021- 22 का बकाया करीब 1800 करोड़ रुपये ही विभाग को मिलेगा. इसे देखते हुए विभाग अब अपने राजस्व के स्रोत को बेहतर बनाएगा. इसमें इंटेलिजेंस और रेवेन्यू एनालिसिस विंग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इसे भी पढ़ें -  सोनू">https://lagatar.in/hearing-on-sonu-agarwals-bail-completed-hcs-double-bench-verdict-reserved/">सोनू

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