Vinit Upadhyay Ranchi: नए हाईकोर्ट भवन में वकीलों और मुवक्किलों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में सरकार के जवाब पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जतायी है. जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अदालत ने सरकार के जवाब को नामंजूर कर दिया है. अदालत ने कहा कि सरकार का जवाब अस्पष्ट है, और इसमें प्रार्थियों की ओर से उठाए गए बिंदुओं की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है. अदालत ने कहा है कि सरकार के शपथपत्र से नए हाईकोर्ट भवन में सुविधाओं की जानकारी नहीं मिल रही है. इस कारण अदालत वकीलों की चार सदस्यीय कमेटी का गठन करती है. कमेटी 26 और 27 फरवरी को दौरा कर वहां मौजूद सुविधाओं पर रिपोर्ट पेश करेगी. इसे पढ़ें-कांग्रेस">https://lagatar.in/hindus-have-brahmins-brahmin-the-great/">कांग्रेस
का अधिवेशन : कार्यसमिति का चुनाव नहीं कराने का फैसला, खड़गे करेंगे सदस्यों को नामित कमेटी में अधिवक्ता मनोज टंडन, पीएएस पति, कौशिक सरखेल और अधिवक्ता अंकित सरखेल को शामिल किया गया है. अदालत ने अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार से कहा कि भवन निर्माण में शामिल सभी प्राधिकार से बात कर सुविधाओं की जानकारी हासिल करें, और हाईकोर्ट भवन का समय-समय पर निरीक्षण करें. अदालत ने भवन निर्माण विभाग के कम से कम दो अधिकारियों को वकीलों के निरीक्षण के दौरान मौजूद रखने के निर्देश दिये हैं. अधिकारियों को वकीलों की कमेटी को सहयोग करने का निर्देश अदालत ने दिया है. कमेटी को दो मार्च तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश अदालत ने दिया है. अगली सुनवाई दो मार्च को शाम चार बजे होगी. इसे भी पढ़ें-बहरागोड़ा">https://lagatar.in/bahragoda-villagers-chased-away-the-miscreant-who-stole-2-20-lakhs-by-breaking-the-trunk-of-a-railway-workers-bike/">बहरागोड़ा
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नए हाईकोर्ट भवन निर्माण के निरीक्षण के लिए चार वकीलों की कमिटी गठित,सरकार के जवाब से HC नाराज

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