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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में सांप्रदायिक हिंसा भड़की, कई घायल, इंटरनेट सेवा ठप

 
Kolkata :  पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शनिवार रात बेलडांगा शहर और आसपास के इलाकों में दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक हिंसा भड़कने की खबर है. स्थानीय निवासियों के अनुसार इस घटना में दोनों पक्षों के लगभग 50 लोग घायल हुए हैं. 30 से अधिक घरों में तोड़फोड़ कर आगजनी किये जाने की सूचना है. बताया जाता है कि बेलडांगा शहर का वार्ड 10 सर्वाधिक प्रभावित है.  सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए प्रशासन ने पूरे जिले में इंटरनेट सेवा बंद करा दी है.

डिस्प्ले बोर्ड पर अपमानजनक टिप्पणी लिखी गयी थी

पुलिस के अनुसार, बेलडांगा में सामुदायिक क्लबों द्वारा आयोजित कार्तिक पूजा उत्सव के दौरान दोनों दो समुदायों के बीच झड़प शुरू हो गयी. कार्तिक पूजा उत्सव में शामिल हुए लोगों का आरोप है कि पूजा के दौरान जलाये जाने वाले डिस्प्ले बोर्ड पर अपमानजनक टिप्पणी लिखी गयी थी, जिसके कारण इलाके में तनाव फैल गया. साथ ही दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गये. देखते ही देखते बात बढ़ गयी और हाथापाई शुरू हो गयी.

रैपिड एक्शन फोर्स का एक जवान घायल

अधिकारियों के अनुसार इन घटनाओं में एक महिला सहित बेलडांगा के चार निवासियों  घायल हो गये, जिन्हें बरहामपुर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में भर्ती कराया गया है. रैपिड एक्शन फोर्स का एक जवान भी घायल हो गया.

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष दिलीप घोष को बेलडांगा  जाने देने की अनुमति नहीं मिली

जानकारी के अनुसार प्रशासन ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष दिलीप घोष को बेलडांगा के प्रभावित इलाके में जाने देने की अनुमति नहीं दी. हालांकि प्रशासन ने कर्फ्यू नहीं लगाया है. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी  अस्पताल में घायलों को देखने पहुंचे.  उन्होंने प्रशासन द्वारा उठाये गये कदम को सही करार दिया. कांग्रेस नेता ने सरकार (ममता)के साथ सहयोग करने की बात कही.  सभी से आपसी सौहार्द बनाये रखने की अपील की. घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी है.

एक और हिंदू त्योहार हिंसा की भेंट चढ़ गया

बेलडांगा हिंसा को लेकर भाजपा ने कहा कि ममता बनर्जी के पश्चिम बंगाल में एक और हिंदू त्योहार हिंसा की भेंट चढ़ गया. मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में, कार्तिक पूजा पर हिंदू घरों पर हमला किया जाता है, जबकि उनकी पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है. ममता की तुष्टिकरण की राजनीति के तहत हिंदू कब तक पीड़ित रहेंगे? यह अराजकता समाप्त होनी चाहिए.
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