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सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों का राजभवन के समक्ष धरना खत्म, मंत्री के मौखिक आश्वासन पर रविवार से लौटेंगे काम पर

Ranchi : राज्य भर के करीब दो हजार कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) ने चरणबद्ध आंदोलन के तहत शनिवार को राजभवन के समक्ष धरना दिया. अपने 10 सूत्री मांगों को लेकर इन लोगों ने गुरुवार को सचिवालय का घेराव किया था. शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का आवास घेरने पहुंचे थे. इस बीच कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर सचिन कुमार ने कहा कि सचिवालय में उनके प्रतिनिधिमंडल की वार्ता स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से हुई. स्वास्थ्य मंत्री ने सभी मांगों को सुना और इसे पूरा करने का मौखिक निर्देश भी दिया है. हालांकि, अभी तक लिखित रूप से कुछ भी नहीं मिला है. लेकिन स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के भरोसे पर हमलोगों ने रविवार से काम पर लौटने का निर्णय लिया है. राजभवन के पास चल रहा धरना खत्म कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो सभी सीएचओ एक बार फिर से ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार करेंगे.
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सीएचओ की मांगें

  • अपर सचिव एवं अभियान निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के पत्रांक DNO-7(31)/2022NHM-1, 29 अगस्त 2022 के अनुसार सभी सीएचओ नियमित करने की मांग कर रहे हैं.
  • लंबे समय से गृह जिले में पदस्थापना नहीं होने के कारण उन्हें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में अपने गृह जिले या फिर नजदीकी जिले में पदस्थापना दी जाए.
  • सीएचओ की भूमिका और जिम्मेदारी स्पष्ट करते हुए नियमावली बनाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है. नियमावली बनाने की प्रक्रिया में संगठन के सदस्यों को भी सम्मिलित करने का मांग की गई है.
  • सीएचओ को अतिरिक्त कार्यभार भी दिया जा रहा है. जिससे उनका मुख्य काम नहीं हो पाता है. कई जिले में दो से तीन अतिरिक्त हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का प्रभार दिया गया है. ऐसे में सीएचओ की भूमिका और उनकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.
  • जनसंख्या के आधार पर ड्यूटी देने की मांग कर रहे हैं, ताकि वे अपने मानक को पूरा कर सकें और मानदेय से वंचित नहीं रहें.
  • कई जिलों के सीएचओ को 15 माह के प्रोत्साहन राशि का भुगतान अभी शुरू तक नहीं हुआ है और जहां हुआ भी है, वहां एक बड़ी रकम भुगतान से पूर्व वसूली जा रही है. ऐसे में मूल वेतन 25000 के साथ 15000 मानदेय जोड़कर देने की मांग की गयी है.
  • वेतन वृद्धि और पीएफ की कटौती में प्रत्येक वर्ष सीएचओ को मूल मानदेय का 5% इंक्रीमेंट होना है, लेकिन झारखंड के कुछ ही जिलों में इसका लाभ मिला है. वंचित जिलों में भी जल्द से जल्द इसे लागू करने की मांग की गई है.
  • आयुष्मान योजना के अंतर्गत सभी सीएचओ को 5 लाख की बीमा का लाभ देने की भी मांग की गई है.
  • सुरक्षा की मांग संघ के द्वारा किया जा रहा है. संघ के सदस्यों ने कहा कि महिलाओं-पुरुषों के साथ आपराधिक तत्वों के द्वारा छेड़खानी व मारपीट की घटनाएं हो रही हैं.
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