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नियोजन नीति से हटी 10वीं और 12वीं की बाध्यता, नियमावली में संशोधन

Ranchi: अब रोजगार के लिए झारखंड के ही शैक्षणिक संस्थानों से 10 वीं और 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण होने की बाध्यता हटा दी गई है. हेमंत कैबिनेट में जेएसएससी के कई नियुक्ति नियमावली को भी वापस ले लिया गया है. नियमावली वापस लेते ही पूर्व की नीति यानी 2016 से पहले की नीति राज्य में लागू हो गई है. युवाओं से मिली सलाह के बाद हेमंत सरकार ने यह फैसला लिया है. इन नियमावलियों में सरकार ने संशोधन किया है.
  • झारखंड कर्मचारी चयन इंटरमीडिएट स्तरीय परीक्षा नियमावली
  • झारखंड कर्मचारी चयन मैट्रिक स्तरीय नियमावली 
  • झारखंड कर्मचारी चयन परीक्षा नियमावली
  • झारखंड कर्मचारी चयन परीक्षा (डिप्लोमा स्तरीय)
बता दें कि रघुवर सरकार की 2016 के समय की 13 जिला और 11 जिलों की नियोजन नीति को सुप्रीम कोर्ट रद्द कर चुका है. वहीं, हेमंत सरकार की नियोजन नीति 2021 को झारखंड हाई कोर्ट रद्द कर चुका है.

अब क्या होगा

हिंदी, इंग्लिश, संस्कृत क्षेत्रीय भाषाओं से जुड़ी हेमंत सरकार की 2021 की नीति में क्षेत्रीय भाषा के पत्र के रूप में हिंदी को मान्यता नहीं दी गई थी. इस बार इसे क्षेत्रीय भाषा के वैकल्पिक पत्र के रूप में रखा जाएगा. झारखंड के ही शैक्षणिक संस्थानों से 10वीं व 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण होने की बाध्यता को हटाया जाएगा. परीक्षाओं में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने के लिए स्थानीय रीति-रिवाज, परंपरा की जानकारी की शर्त भी हटेगी. इसके तहत पदों में 60:40% आरक्षण का पालन होगा. 60 %आरक्षण में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग शामिल रहेंगे वहीं 40% सीट पूरी तरह ओपन रहेगी. बता दें कि हेमंत कैबिनेट की बैठक में 35 प्रस्तावों पर मंजूरी दी गई है. इसमें ये प्रस्ताव शामिल हैं. द इटकी ट्यूबरकुलोसिस सेनेटोरियम (रेगुलेशन ऑफ बिल्डिंग) एक्ट-1951 को वापस लेने की स्वीकृति श्रम विभाग के छह विधेयकों को वापस लेनी के प्रस्ताव को मिली स्वीकृति. रघुवर सरकार के समय पारित हुए थे सभी छह विधेयक. भारत सरकार ने इन विधायकों के प्रावधानों पर आपत्ति जतायी थी. - द कॉन्ट्रैक्ट लेबर (रेगुलेशन एंड एबोलिशन) (झारखंड अमेंडमेंट) बिल 2015 - द बिहार इंडस्ट्रियल एस्टेब्लिशमेंट (नेशनल एंड फेस्टिवल हॉलिडे एंड कैजुअल लीव) झारखंड अमेंडमेंट बिल 2015 - द झारखंड लेबर लॉ (अमेंडमेंट) एंड मिसलेनियस प्रोविजन बिल 2018 - द इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट (झारखंड अमेंडमेंट) बिल 2018 - द झारखंड शॉप एंड इस्टैब्लिशमेंट (अमेंडमेंट) बिल 2018 - द फैक्ट्री (झारखंड अमेंडमेंट) बिल 2019 इसके अलावा, झारखंड नगरपालिका सेवा संवर्ग नियमावली और झारखंड दिव्यांगजन नियमावली में भी संशोधन किया गया है. इसके तहत वार्षिक माध्यमिक इंटरमीडिएट छात्र-छात्राओं को पुरस्कार राशि लैपटॉप और मोबाइल प्रदान करने की स्वीकृति मिली है. 10वीं और 12वीं में पहले दूसरे और तीसरे टॉपर को 3 लाख, 2 लाख और 1 लाख नकद सहित लैपटॉप, मोबाइल दिए जाएंगे. इसके अलावा साहिबगंज में मॉडल डिग्री कॉलेज अब राज्य मद से बनाए जाएगा. ओलंपिक खेलों में जितने वाले खिलाड़ियों को मिलने वाले पुरस्कार राशि में भी संशोधन किया गया है. इसके तहत स्वर्ण पदक जीतने वालों को 2 करोड़ के बदले अब 5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.   देखें वीडियो https://www.youtube.com/watch?v=J3P3Yl9iQJg

नोटः खबर अपडेट हो रही है.

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