फरवरी को होगी हेमंत सोरेन कैबिनेट की बैठक)
लगातार दो महीने निवेशकों ने बाजार में डाले थे पैसे
बता दें कि इससे पहले एफपीआई लगातार लिवाली कर रहे थे. दिसंबर में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों में 11,119 करोड़ रुपये डाले थे. जबकि नवंबर में उन्होंने 36,239 करोड़ रुपये का निवेश किया था. हालांकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) कोरोना को देखते हुए सतर्क हो गये हैं. लेकिन दुनिया के कुछ जगहों पर कोरोना संक्रमण के मामले और अमेरिका में मंदी की चिंता को लेकर विदेशी निवेशक शतर्क हो गये हैं. कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के इक्विटी रिसर्च (रिटेल) प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा कि आगे भी एफपीआई फ्लो में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा. हालांकि डोमेस्टिक और ग्लोबल स्तर पर मुद्रास्फीति अब नीचे आ रही है. इसे भी पढ़ें : JJBS">https://lagatar.in/215-candidates-selected-in-jjbs-member-chairman-and-member-of-cwc-appointment-not-done-due-to-lack-of-interview/">JJBSसदस्य, CWC के अध्यक्ष और मेंबर में चयनित हुए 215 अभ्यर्थी, इंटरव्यू नहीं होने के कारण नहीं हुई नियुक्ति
बजट और फेडरल रिजर्व की बैठक पर एफपीआई की नजर
मॉनिंगस्टार इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर-मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि एफपीआई सतर्क रुख अपना रहे हैं. इसका कारण एक फरवरी को आने वाले आम बजट और फेडरल रिजर्व की होने वाली बैठक है. श्रीवास्तव ने कहा कि एफपीआई लॉकडाउन के बाद फिर से बाजार खुलने के बाद से चीन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि जनवरी में एफपीआई ने चीन, हांगकांग, दक्षिण कोरिया और थाइलैंड में पैसे लगा रहे हैं . वहीं भारत और इंडोनेशिया बाजार में एफपीआई ने बिकवली की है. इसे भी पढ़ें : लातेहार">https://lagatar.in/allegations-on-latehar-police-illegal-recovery-of-45-lakhs-every-month-from-coal-traders/">लातेहारपुलिस पर आरोप : कोयला कारोबारियों से हर माह 45 लाख की अवैध वसूली [wpse_comments_template]

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