Rajnish Prasad Ranchi : झारखंड के सरकारी मध्य विद्यालयों में हेडमास्टर के स्वीकृत पद 2937 हैं, लेकिन सिर्फ 62 स्कूलों में ही हेडमास्टर हैं. आधे से अधिक मध्य विद्यालयों में हेडमास्टर नहीं हैं. जिन मध्य विद्यालयों में हेड मास्टर नहीं हैं, उनमें किसी सीनियर शिक्षक को हेडमास्टर का प्रभार दिया गया है. टीचर ट्रांसफर पोर्टल के अनुसार, 23 में से 14 जिलों में हेडमास्टर की संख्या शून्य है. झारखंड में कुल शिक्षकों की संख्या 1,15,099 है, जिनमें से रेगुलर 51,326 और पारा टीचर 63,773 है. विद्यार्थियों की कुल संख्या 5,00,1,640 है, जिनमें से क्लास 1 से 5 में 2606321, क्लास 6 से 8 में 14,72, 615, क्लास 9 से 10 में 6,45,725, क्लास 11 से 12 में 2,76,979 बच्चे पढ़ते हैं. स्कूलों की कुल संख्या 32,748 है, जिनमें क्लास 1 से 5 में 21,183, क्लास 1 से 8 में 11,553 और क्लास 6 से 8 में 12, 000 विद्यार्थी है.
लगभग 20 साल से नहीं हुआ प्रोमोशन
झारखंड में शिक्षकों प्रमोशन लगभग 20 साल से नहीं हुआ है. हेडमास्टर बनने के लिए शिक्षकाें के पास 12 साल का शिक्षण अनुभव होना जरूरी है. वहीं शिक्षक का एमए बीएड भी होना जरूरी है. शिक्षा विभाग के जानकारों का कहना है कि झारखंड में लगभग 50 प्रतिशत शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें प्रोन्नति मिले, तो हेडमास्टर बन सकते हैं. हेडमास्टर नहीं होने के कारण प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को ही डीडीओ का प्रभार सौंप दिया गया है.
किन जिलों में हेडमास्टर के कितने पद, कितने कार्यरत
| जिला | स्वीकृत पद | कार्यरत |
| खूंटी | 59 | 00 |
| लोहरदगा | 83 | 00 |
| सिमडेगा | 86 | 00 |
| गढ़वा | 145 | 08 |
| पलामू | 226 | 30 |
| चतरा | 42 | 00 |
| हजारीबाग | 130 | 00 |
| कोडरमा | 53 | 00 |
| गिरिडीह | 529 | 10 |
| देवघर | 140 | 00 |
| गोड्डा | 181 | 00 |
| साहिबगंज | 90 | 00 |
| पाकुड़ | 63 | 00 |
| दुमका | 59 | 07 |
| धनबाद | 243 | 00 |
| बोकारो | 116 | 03 |
| गुमला | 118 | 00 |
| जामताड़ा | 103 | 03 |
| रामगढ़ | 45 | 01 |
| पश्चिम सिंहभूम | 160 | 00 |
| पूर्वी सिंहभूम | 195 | 00 |
| सरायकेला खरसांवा | 100 | 01 |
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