- 5 श्रमिकों ने साथ में किया काम, दो को मिली मजदूरी, तीन को नहीं
- कारण, 15 प्रतिशत से अधिक मजदूरों का मनरेगा रिकॉर्ड में आधार लिंक नहीं
- कुछ के बैंक खाते से आधार लिंक नहीं, इसलिए हो रही परेशानी
केस स्टडी एक : आधार लिंक नहीं होने की वजह से भुगतान नहीं
लातेहार जिले के हेरहंज प्रखंड सह पंचायत में मनरेगा के तहत निर्माण कार्य चल रहा है. नवादा गांव की हीरामणि देवी का मस्टर रोल संख्या 60865 है. यहां गत 28 फरवरी से 5 मार्च तक 5 मजदूरों ने 6 दिन तक एक साथ काम किया. लेकिन 3 मजदूरों का आधार लिंक नहीं होने की वजह से मनरेगा मजदूरी का भुगतान रोक दिया गया. मजदूरों को क्रियान्वयन एजेंसी से जुड़े किसी अधिकारी अथवा कर्मी ने इस संबंध में मजदूरों को कोई जानकारी नहीं दी. तीन मजदूर उम्मीद लगाये बैठे हैं कि कब उनके खाते में मजदूरी का पैसा आयेगा. जबकि साथ में काम करने वाले दो अन्य मजदूरों का पैसा 15 दिनों के अंदर उनके खाते में आ चुका था.केस स्टडी दो : दस्तावेज आधार आधारित भुगतान के लिए अपडेट नहीं , नहीं मिली मजदूरी
इसी तरह बिरेंद्र उरांव के TCB निर्माण, जिसका मस्टर रोल संख्या 54333 है, में सात मजदूरों ने 1 से 7 फरवरी 2023 तक कार्य किया. लेकिन मजदूरी सिर्फ 2 लोगों को मिली. शेष मजदूरों को उनके दस्तावेज आधार आधारित भुगतान के लिए अपडेट नहीं होने के कारण मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ. इन मजदूरों के दस्तावेजों की जांच से निराशाजनक तथ्य सामने आये. दरअसल जिन मजदूरों के खाते में पैसा क्रेडिट नहीं हुआ, उनकी हाजिरी को कंप्यूटर ऑपरेटर ने अनुपस्थित दिखा दिया. सिस्टम में अनुपस्थित (A) अटेंडेंस फिल कर दिये जाने से सिस्टम ऐसे मजदूरों का वेजलिस्ट सृजित नहीं करता है. इसी चलते इन मजदूरों को काम करने के बावजूद अपना पैसा गंवाना पड़ा. इसकी जानकारी नहीं होने के कारण मजदूर ब्लॉक और पंचायत का चक्कर लगाकर परेशान हो रहे हैं. इसे भी पढ़ें – शुभम">https://lagatar.in/shubham-sandesh-impact-finally-the-construction-work-of-keshwar-ahra-pcc-path-started-ward-councilor-investigated/">शुभमसंदेश इंपैक्ट : आखिरकार केश्वर अहरा पीसीसी पथ का निर्माण कार्य शुरू, वार्ड पार्षद ने जांच की [wpse_comments_template]

Leave a Comment