Ranchi: जिला समाहरणालय कहें या कलेक्ट्रेट बात एक ही है. यहां डीसी समेत जिले के तमाम बड़े अधिकारियों के कार्यालय हैं. फिर भी सफाई समेत तमाम जरूरी सुविधाओं की घोर कमी दिखती है. पिछले दिनों
लगातार">http://lagatar.in">लगातार न्यूज ने समाहरणालय के खराब पड़े लिफ्ट की खबर प्रकाशित की थी. इसकी अगली कड़ी में हमने यहां की व्यवस्था का जायजा लिया. दरअसल, समाहरणालय दो ब्लॉक में बंटा हुआ है. पहला ब्लॉक ए और दूसरा ब्लॉक बी है. जब हमने डीसी ऑफिस का जायजा लिया तो यहां एक तरफ जहां कचरे का ढेर लगा दिखा वहीं दूसरी ओर बेसमेंट से पानी टपक रहा था. [caption id="attachment_320093" align="aligncenter" width="768"]

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सीढ़ियों के किनारे गंदगी[/caption]
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तस्वीरों में- बदहाल शौचालय और बांस से घेरा गया रास्ता जहां लिखा था यहां थूकना मना है, वहीं थी गंदगी
हमने जब ‘बी’ ब्लॉक का जायजा लिया तो वहां लिखा था, यहां थूकना मना है, लेकिन यहां आने जाने वाले लोगों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता. लोग खुलेआम यहां थूकते नजर आते हैं. हालांकि दीवारों पर थूकते पकड़े जाने पर जुर्माने की बात लिखी हुई है, लेकिन थूकने वालों पर कोई निगरानी नहीं होती. इसके अलावा वहां कचरे का भी ढेर लगा हुआ है.
बेसमेंट से टपक रहा पानी
रांची डीसी ऑफिस को बने करीब 13 साल पूरा हो गए हैं. मेंटेनेंस के अभाव में बेसमेंट से पानी टपक रहा है. जब हमने बेसमेंट का हाल देखा तो जहां एक तरफ पानी टपक रहा था तो वहीं दूसरी ओर बेसमेंट के अंदर गंदगी का अंबार लगा हुआ दिखा. इतना ही नहीं लाइट का भी इंतजाम बेसमेंट के अंदर नहीं है. जिस वजह से बेसमेंट के अंदर गाड़ी पार्क करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. इतना ही नहीं गाड़ी पार्क करने वाले लोगों से 10 रुपये शुल्क वसूला जाता है. इसके बावजूद यहां कोई सुविधा नहीं दी जा रही है.
2009 में हुआ है निर्माण
रांची समाहरणालय भवन का 2009 में निर्माण हुआ था. बता दें कि समाहरणालय भवन में डीसी, एसएसपी, एसडीओ, डीटीओ समेत तमाम अधिकारियों के कार्यालय हैं. जहां हर रोज विभिन्न कामों को लेकर लोग आते हैं. [wpse_comments_template]
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