आदिवासियों में खुशी है: गौरी शंकर झा
जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो गौरी शंकर झा ने कहा कि झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने पर आदिवासी समाज के लोगों में काफी खुशी है. उनकी यह जीत दबे, कुचले, शोषितों के संघर्ष की जीत है. पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. ऐसे में उनका राष्ट्रपति बनना हर वर्ग के लिए गौरव की बात है. इसे भी पढ़ें - महिलाओं">https://lagatar.in/madhu-gupta-became-the-sawan-queen-at-the-womens-sawan-milan-ceremony/">महिलाओंके सावन मिलन समारोह में मधु गुप्ता बनी सावन क्वीन
समाज अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा है : हरि उरांव
जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा केन्द्र के समन्वयक डॉ. हरि उरांव ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू की जीत से समाज अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा है. खासकर जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा केन्द्र का कायाकल्प उनके ही प्रयासों से हुआ है. इस केन्द्र के प्रति उनका विशेष स्नेह रहा. उन्होंने कहा कि सर्वोच्च पद पर आसीन होने से हम सभी अत्यंत प्रशन्न और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.द्रौपदी मुर्मू का जीवन काफी दुख भरा रहा : डॉ उमेश तिवारी
नागपुरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ उमेश नन्द तिवारी ने कहा कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जीवन काफी दुख भरा रहा. पारिवारिक दुखों को सहते हुए, बगैर विचलित हुए आज इस सर्वोच्च स्थान को प्राप्त की है. जो अपने आप में एक इतिहास है. उन्होंने कहा कि टीआरएल विभाग के जीर्णोद्धार में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है. वे हमेशा इस विभाग के प्रति चिंतित रहती थीं. मातृभाषाओं के प्रति उनका झुकाव सहज ही देखा जा सकता है. अब पूरे देश के दबे कुचले समुदाय के दुख दर्द का निराकरण होगा, क्योंकि इन सभी को उन्होंने बहुत ही करीब से देखा, समझा व जाना है.आदिवासी महिला का राष्ट्रपति बनना नयी परंपरा की शुरुआत : नलय राय
मुंडारी विभाग के विभागाध्यक्ष नलय राय ने कहा कि आदिवासी समुदाय की महिला के राष्ट्रपति बनने से एक नयी परंपरा की शुरूआत हुई है. देशज संस्कृति को पूरे देश में स्थापित करने से अब कोई रोक नहीं सकता है. प्राध्यापक डॉ बीरेन्द्र कुमार महतो कहा कि पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. इस दौरान किसी आदिवासी महिला का राष्ट्रपति पद पर आसीन होना बेहद खास है. किसी आदिवासी के राष्ट्रपति बनने पर आदिवासी समाज के लिए यह गौरव का विषय तो है ही, इसके साथ ही श्रीमती मुर्मू द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों के अनुभव का फायदा भी समाज को मिलेगा. इसे भी पढ़ें - राष्ट्रपति">https://lagatar.in/presidents-farewell-ceremony-kovind-said-parties-should-rise-above-party-politics-in-national-interest-see-photos/">राष्ट्रपतिका विदाई समारोहः बोले कोविंद- राष्ट्रहित में दलगत राजनीति से ऊपर उठें पार्टियां, देखें तस्वीरें
द्रौपदी मुर्मू टीआरएल विभाग के प्रति हमेशा सजग रही: दिनेश
प्राध्यापक दिनेश कुमार दिनमणी ने कहा कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू टीआरएल विभाग के प्रति हमेशा सजग रहीं और अपना स्नेह बरसाती रहीं. झारखंड की भाषा संस्कृति के सम्मान के लिए सदैव तत्पर रहीं. उन्होंने कहा कि राजभवन में सरहुल और करम पर्व के अवसर पर एक नयी परंपरा की शुरुआत की.द्रौपदी मुर्मू से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना होगा : डॉ. मेरी एस सोरेंग
खड़िया विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. मेरी एस सोरेंग ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू कठिनाइयों को पार करते हुए इस मुकाम तक पहुंची हैं. हमें भी उनके जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना होगा. डॉ. दमयन्ती सिंकु ने कहा कि आदिवासी महिला के देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होने से महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है. इससे निचले तबके की महिलाओं को बल मिलेगा, उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा. इसे भी पढ़ें - बीएयू">https://lagatar.in/baus-daily-employees-will-soon-get-the-benefit-of-pf-facility-happiness-among-employees/">बीएयूके दैनिक कर्मचारियों को जल्द मिलगा पीएफ सुविधा का लाभ, कर्मचारियों में खुशी [wpse_comments_template]

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