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कांग्रेस का आरोप, आरएसएस ने अमेरिका में अपनी छवि सुधारने के लिए लॉबिंग फर्म की मदद ली, RSS ने  नकारा

कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा, संघ ने राष्ट्रीय हित के साथ विश्वासघात किया है कांग्रेस के आरोप पर आरएसएस बिफर गया. आरएसएस के राष्ट्रीय मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख सुनील आंबेकर ने आरोपों को खारिज करते हुए गुरुवार को कहा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत में काम करता है कहा कि अमेरिका में किसी लॉबिंग फर्म की सेवा लेने के आरोप झूठे हैं,
 

New Delhi : आरएसएस ने कांग्रेस के इस आरोप को सिरे से नकार दिया है कि उसने अमेरिका में अपने हितों की पूर्ति के लिए लॉबिंग फर्म स्क्वॉयर पैटन बोग्स (एसपीबी) की मदद ली है. दरअसल कांग्रेस ने आरएसएस पर आरोप लगाया है कि उसने अमेरिका में अपने हित साधने के लिए पाकिस्तान की आधिकारिक लॉबिंग इकाइयों में से एक स्क्वॉयर पैटन बोग्स की सेवा ली है.

 

 

कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा, संघ ने राष्ट्रीय हित के साथ विश्वासघात किया है कांग्रेस के आरोप पर आरएसएस बिफर गया. आरएसएस के राष्ट्रीय मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख सुनील आंबेकर ने आरोपों को खारिज करते हुए गुरुवार को कहा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत में काम करता है कहा कि अमेरिका में किसी लॉबिंग फर्म की सेवा लेने के आरोप झूठे हैं, 


कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया था कि कुछ दिन पूर्व आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने माना था कि आरएसएस रजिस्टर्ड संगठन नहीं है. यह टैक्स का भुगतान नहीं करता.


जयराम रमेश ने लिखा कि हमें जानकारी मिली है कि आरएसएस ने अमेरिका में अपने हितों को बढ़ावा देने के लिए अमेरिकी विधि कंपनी स्क्वॉयर पैटन बोग्स’ (एसपीबी) की सेवा लेने के लिए काफी पैसे खर्च किये हैं.


रमेश ने एक्स पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है. इसमें अमेरिकी सीनेट में पैरोकारी किये जाने का खुलासा दर्शाया गया है. दर्शाया कि स्क्वॉयर पैटन बोग्स ने आरएसएस के लिए एक लॉबिस्ट  के रूप में पंजीकरण कराया था. 


कहा गया है कि अमेरिका की शीर्ष लॉबिंग कंपनी स्क्वायर पैटन बॉग्स ने इस साल की शुरुआत में आरएसएस के लिए अमेरिकी संसद में लॉबिंग रजिस्टर की है. अमेरिकी वेबसाइट  प्रिज्म  की रिपोर्ट के अनुसार  2025 के पहली तीन तिमाहियों में इस फर्म को 3,30,000 डॉलर (लगभग 2.75 करोड़ रुपये) का भुगतान किया गया है.


रिपोर्ट में यह खुलासा भी किया गया है कि 2020 में ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ भाजपा-यूएसए (OFBJP-USA) को विदेशी एजेंट के रूप में पंजीकरण करना  पड़ा था, जब उसने अमेरिकी चुनावों के दौरान भाजपा के प्रचार में भाग लिया था. प्रिज़्म की रिपोर्ट कहती है कि  आरएसएस की यह लॉबिंग अमेरिकी नीति निर्माताओं के बीच अपनी छवि सुधारने का प्रयास है.

 

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