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पीएम मोदी के मन की बात के 100वें एपिसोड पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

Ranchi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अप्रैल को मन की बात के 100वें एपिसोड में जनता से मुखातिब होंगे. भाजपा देशभर में मन की बात कार्यक्रम को महोत्सव के रूप में मनाने जा रही है. 100वें एपिसोड को ऐतिहासिक बनाने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में 100-100 जगहों पर मन की बात सुनने की व्यवस्था की गई है. भाजपा इसे लेकर बहुत उत्साहित है. वहीं कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री की शक्तिशाली जनसंपर्क मशीनरी 100वीं ``मन की बात`` के लिए ओवरटाइम काम कर रही है. लेकिन महत्वपूर्ण मुद्दों पर मौन है. पीएम कितनी बार मन की बात सुनेंगे. आखिर जन की बात कब सुनेंगे. उधर भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस के पास पीएम मोदी के कद का कोई नेता नहीं है. मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर वे अनाप-शनाप बोल रहे हैं. इसे भी पढ़ें - वीरेंद्र">https://lagatar.in/ed-court-took-cognizance-of-the-prosecution-complaint-filed-against-virendra-ram/">वीरेंद्र

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भाजपा को पता चल गया है कि लोग नहीं सुनना चाहते मन की बात - राजीव

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और केंद्र की मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण आज पूरा देश अराजकता का वातावरण में चला गया है. खाद्यान्न पर जीएसटी लगाकर गरीबों की थाली से भोजन का निवाला छीनने वाले लोग और कितनी बार मन की बात सुनाएंगे. आखिर वे जन की बात कब सुनेंगे. भाजपा मन की बात सुनने का कार्यक्रम उत्सव के रूप में मना रही है क्योंकि भाजपा को पता चल गया है कि जनता अब मन की बात सुनना नहीं चाहती है. झूठे वादों के कारण भाजपा की लोकप्रियता घटी है. यही कारण है कि भाजपा अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के माध्यम से लोगों को मन की बात सुनने के लिए बाध्य कर रही है.

वंशवाद और परिवारवाद की राजनीति करने वाले लोग जमीनी राजनीति क्या जानें- प्रतुल

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात पूरे विश्व में सबसे ज्यादा सुना जाने वाला कार्यक्रम है. उन्होंने अबतक के 99 एपिसोड में एक बार भी राजनीति की कोई बात नहीं की न ही किसी राजनीतिक दल का नाम लिया है. प्रेरक प्रसंगों के जरिये वे लोगों को प्रेरित करने का काम करते हैं, लेकिन कांग्रेस आज भी ओछी राजनीति से बाज नहीं आ रही है. राहुल गांधी केंद्र में जो ओछी राजनीति करते हैं, उनके चमचे वही ओछी राजनीति राज्यों में करते हैं. दरअसल कांग्रेस के पास पीएम मोदी जैसे कोई मजबूत विकल्प नहीं है. इसलिए वे बौखलाए हुए हैं और उन्हें मन की बात की लोकप्रियता नहीं पच रही है. वंशवाद और परिवारवाद की राजनीति करने वाले लोग जमीनी राजनीति की बात क्या जानें. इसे भी पढ़ें - कांग्रेस">https://lagatar.in/congress-abused-91-times-those-who-abuse-will-go-to-earth-modi/">कांग्रेस

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