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संसद भवन उद्घाटन में राष्ट्रपति को नहीं बुलाने के विरोध में सड़क पर उतरी कांग्रेस, बिरसा चौक पर दिया धरना

Ranchi : नये संसद भवन उद्घाटन में देश के राष्ट्रपति को नहीं बुलाए जाने के विरोध में कांग्रेस रविवार को सड़क उतरी. राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत रविवार को बिरसा चौक पर धरना दिया गया. कांग्रेस विधायक दल के नेता एवं ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि कहा कि देश में संविधान प्रदत्त अधिकारों से वंचित रखने का काम हो रहा है. राष्ट्रपति से संसद भवन का उद्घाटन न करवाना और न ही उन्हें समारोह में बुलाना यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है. संसद अहंकार की ईंटों से नहीं, संवैधानिक मूल्यों से बनती है. उन्होंने कहा कि यह देश संविधान से ही चलना चाहिए एकतंत्र से नहीं. उन्होंने कहा कि देश के 140 करोड़ भारतीय यह जनाना चाहते हैं कि महामहिम राष्ट्रपति से उनका हक छीनकर आप क्या जताना चाहते हैं.

आदिवासी होने के कारण राष्ट्रपति को नहीं बुलाया गया : मार्डी

आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जोसाय मार्डी ने कहा कि आज पूरे देश का आदिवासी एवं दलित समाज मर्माहत है. भाजपा एवं प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठी प्रथम आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू का अपमान किया है. संविधान के अनुच्छेद 79 के प्रावधानों को अनदेखा किया है. इस बात को लेकर हम आदिवासी कांग्रेस के लोग झारखंड के एक आदिवासी गांव एक-एक पंचायतों में जाएंगे. लोगों बताने का काम करेंगे कि भाजपा आदिवासी समाज को सिर्फ चुनावी फायदे के समय याद रखती है. वहीं समय आने पर अधिकारों से वंचित करती है. धरना को कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर, पूर्व विधायक ममता देवी, रवींद्र सिंह, शमशेर आलम, विनय सिन्हा दीपू, अमुल्य नीरज खलखो, राकेश सिन्हा, राजीव रंजन प्रसाद, डॉ. एम तौसिफ, कमल ठाकुर, अमरेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, रमा खलखो, अभिलाष साहू, केदार पासवान, जिला अध्यक्ष चैतू उरांव, रवि मिश्रा सहित कई ने संबोधित किया. इसे भी पढ़ें : गौरव">https://lagatar.in/moments-of-pride-dr-zishan-of-hazaribagh-honored-with-icon-award-in-mumbai/">गौरव

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