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कांग्रेस वंशवादी राजनीति करती है, संविधान को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया : धर्मेंद्र प्रधान

Bhubaneswar :  केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पार्टी पर संविधान को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार को खुश करने के लिए पूरा विपक्ष जनता के जनादेश का असम्मान कर रहा है. कांग्रेस पार्टी और विपक्ष का ध्यान लोगों के जनादेश की अवहेलना करना और इसे अस्वीकार करने पर केंद्रित है. कांग्रेस पार्टी संविधान को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा रही है. उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी वंशवाद की राजनीति पर आधारित है. आप हरियाणा में हार गये और जम्मू-कश्मीर में आप बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाये.

जनता ने कांग्रेस पार्टी को सिरे से खारिज कर दिया है

चुनावी नतीजों के बाद कांग्रेस पार्टी का महाराष्ट्र और झारखंड में कोई सियासी वजूद नहीं बचा है. जनता ने कांग्रेस पार्टी को सिरे से खारिज कर दिया है. लेकिन इसको आप स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है. राहुल गांधी संविधान को नहीं मानने वाले लोग हैं, यह बहुत ही निंदनीय बात है. इसकी सोच को देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हाल ही में दिये गये उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत की थी. धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना कि कांग्रेस पार्टी को चुनाव ईवीएम से नहीं बल्कि बैलेट पेपर से चाहिए. ये अपने आप में हास्यास्पद और चुनावों में बुरी तरह हार की हताश को दिखाता है.

समस्या ईवीएम की नहीं है, कांग्रेस की दूषित मानसिकता की है

असल में समस्या ईवीएम की नहीं है, कांग्रेस की दूषित मानसिकता की है. जब चुनाव बैलेट पेपर से होते तो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को आपत्ति थी और आज जब कांग्रेस चुनाव में हार रही है तो उनके शहज़ादे को ईवीएम से तकलीफ है. उन्होंने आगे लिखा, कांग्रेस पार्टी की चुनावी रणनीति में जीत-हार की योजना नहीं, बल्कि नतीजों से पहले ईवीएम पर ठीकरा फोड़ने की योजना बन जाती है और आजकल इसका नेतृत्व कांग्रेस के शाही परिवार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंप रखा है. कांग्रेस के चुनाव हारते की चुनाव आयोग और ईवीएम कटघरे में खड़े हो जाते हैं, लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है. कांग्रेस और उसके इकोसिस्टम के लिए देश का लोकतंत्र, जनता के मत से नहीं, कांग्रेस की जीत-हार से तय होता है. यह जनादेश का अपमान है. हकीकत यह है कि जनता कांग्रेस और राहुल गांधी को बार-बार नकार रही है और इस सत्य को खड़गे जितना जल्दी समझ जायें, उतना अच्छा होगा.  

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