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हिमाचल सरकार बचाने की कवायद में जुटा कांग्रेस आलाकमान, पर्यवेक्षक भेजे, सीएम सुक्खू ने कहा, इस्तीफा नहीं दिया है...

New Delhi : कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर आये संकट के बीच बुधवार को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को पार्टी विधायकों से बात कर समाधान निकालने के लिए शिमला भेजा है. खबर आ रही है कि कांग्रेस की ओर से भेजे गये इन केंद्रीय पर्यवेक्षकों के सामने सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने इस्तीफे की पेशकश कर दी है.            ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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हिमाचल में कांग्रेस सरकार पांच साल तक चलेगी

सीएम सुक्खू ने विधायकों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए यह फैसला लिया है. हालांकि अबतक इस पर कांग्रेस आलाकमान की ओर से कोई फैसला नहीं लिया गया है. हालांरि मीडिया से बात करते हुए सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैंने इस्तीफा नहीं दिया है. कहा कि बजट के दौरान हम अपना बहुमत साबित करेंगे. हिमाचल में कांग्रेस सरकार पांच साल तक चलेगी. साथ ही सुक्खू ने दावा किया कि भाजपा के कई विधायक उनके संपर्क में हैं.

 खड़गे ने हिमाचल के घटनाक्रम पर  राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से बात की

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हिमाचल के घटनाक्रम पर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी से बात की है. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने भाजपा की निंदा करते हुए और उसकी रणनीति को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक करार दिया. शिमला रवाना होने से पहले शिवकुमार ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कांग्रेस आलाकमान के निर्देशों के अनुसार, मैं हिमाचल प्रदेश पहुंच रहा हूं. इसके अलावा किसी भी अफवाह को मानने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है, क्योंकि मुझे विश्वास है कि कांग्रेस पार्टी के विधायक पार्टी के प्रति वफादार रहेंगे और उस जनादेश के साथ रहेंगे जो उन्हें मिला है.

असंतुष्ट विधायक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली से नाराज हैं

हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में छह कांग्रेस विधायकों द्वारा भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के कुछ घंटों बाद खड़गे ने असंतुष्ट विधायकों को मनाने के लिए हुड्डा और शिवकुमार को हिमाचल प्रदेश भेजा. इन दोनों पर्यवेक्षकों को उन छह असंतुष्ट विधायकों समेत पार्टी नेताओं से बातचीत करने के लिए कहा गया है. समझा जाता है कि असंतुष्ट विधायक हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली से नाराज हैं. इन छह विधायकों के असंतुष्ट होने और भाजपा के संपर्क में होने की जानकारी सामने आयी है.

वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने  मंत्रिमंडल से  इस्तीफे की घोषणा की

इस घटनाक्रम से राज्य में कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ाते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने भी मंत्रिमंडल से अपने इस्तीफे की घोषणा की और कहा कि वह पहले ही प्रियंका गांधी वाद्रा से बात कर चुके हैं. इस बीच, हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने अशोभनीय आचरण के आरोप में 15 भाजपा विधायकों को निलंबित कर दिया और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. हिमाचल प्रदेश की 68 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 40 विधायक हैं जबकि भाजपा के 25 विधायक हैं. प्रदेश में तीन निर्दलीय विधायक हैं. [wpse_comments_template]

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