National News : प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कल शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के SRCC(श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स) में दिया गया भाषण कांग्रेस को रास नहीं आया है. कांग्रेस ने कहा कि यह यह देश के युवाओं, शिक्षा और उनके भविष्य पर संवाद का अवसर था, लेकिन अफसोस, युवाओं के सवालों का सामना करने के बजाय भाषण राजनीतिक प्रचार में तब्दील हो गया.
.@narendramodi जी कल दिल्ली विश्वविद्यालय के SRCC में गए। यह देश के युवाओं, शिक्षा और उनके भविष्य पर संवाद का अवसर था। लेकिन अफसोस, युवाओं के सवालों का सामना करने के बजाय भाषण फिर एक राजनीतिक प्रचार में बदल गया।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) September 6, 2026
मोदी जी की Modus Operandi —
लोकतंत्र में सवालों को दबाने के लिए…
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने पीएम मोदी पर हमलावर होते हुए एक्स पर पोस्ट किया, मोदी जी की Modus Operandi लोकतंत्र में सवालों को दबाने के लिए विपक्ष को साल दर साल एक नयी Adjectives देना है, ताकि उनकी खुद की नाकामियां छिपी रहे. खडगे ने कहा, नाराज फूफा, दिमागी नक्सल, अरबन नक्सल, खान मार्केट गैंग, आंदोलनजीवी परजीवी आदि Adjectives बदलते रहते हैं, पर मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियां नहीं बदलती.
कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा, मोदी जी, Outreach तभी करनी पड़ती है, जब आप Out of Reach हो जाते हैं. तंज कसा कि प्रधानमंत्री जी ने अपना Report Card दिखाया. देश का युवा भी अपना Report Card लेकर खड़ा है. इस Report Card में बेरोजगारी, वर्षों से अटकी सरकारी भर्तियाँ, पेपर लीक से परेशान छात्र, महंगी होती शिक्षा शामिल हैं,
बता दें कल शनिवार शाम प्रधानमंत्री मोदी कॉलेज के शताब्दी समारोह में शामिल हुए थे.उन्होंने यहां आने के लिए दिल्ली मेट्रो से यात्रा की थी. पीएम मोदी ने छात्रों से संबोधित करते हुए कहा था कि मैं आपकी लैंग्वेज में कहूं तो इस कॉलेज के पूर्व छात्र OG (ओरिजनल गैंग्स्टर) हैं, वे धुरंधर भले न हों, पर दुनियाभर में धूम तो मचाई है.
पीएम समारोह में यहालाल किले पर दी गयी 15 अगस्त की स्पीच का जिक्र किया. कहा कि मैंने उस दिन दिमागी नक्सल कहकर होम्योपैथी की ऐसी गोली दी, जिससे सारे विरोधी बौखलाने लगे. होम्योपैथी का इलाज बीमारी को कुछ समय के लिए और उभार देता है.
पीएम ने कहा था कि जैसे ही मैंने ये गोली दी, सारे दिमागी नक्सल बाहर आने लगे. जनता उनका असली रंग देख रही है. साथ ही पीएम ने विपक्ष पर हमलावर होते हुए कहा था कि हर बात पर इसकी क्या जरूरत है कहने वाले लोग नाराज फूफा हैं. इनका एक ही डायलॉग होता है, इसकी क्या जरूरत है. पीएम ने कहा ता कि इन लोगों ने बुलेट ट्रेन, यूपीआई और नयी संसद जैसे कामों पर भी सवाल उठाया है.
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