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कांग्रेस नेताओं ने की मांग, एनटीपीसी कोल खनन परियोजना मुआवजा राशि बढ़ाए, नहीं तो जाएंगे कोर्ट

Hazaribagh : एनटीपीसी कोल खनन परियोजना केरेडारी की ओर से बेंगवरी पंचायत में कोयला उत्खनन का काम चल रहा है. उसमें विसंगतियां बताते हुए कांग्रेस के एक शिष्टमंडल ने मंगलवार को भेंट की. इस अवसर में सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि मुआवजा की राशि अगर नहीं बढ़ाई गई, तो जल्द ही वे लोग इस मामले को लेकर कोर्ट जाएंगे और सभी रैयत और विस्थापित एनटीपीसी के समक्ष आमरण अनशन करेंगे. शिष्टमंडल ने नौ सूत्री मांगों का ज्ञापन डीसी को सौंपा. उसमें एनटीपीसी की ओर से सभी रैयतों को एक समान जमीन मुआवजा राशि देने की मांग की गई. वैसे रैयत जो पूर्व में अपनी जमीन का भुगतान ले चुके हैं, उन्हें भी शीघ्र बढ़ी हुई राशि का समान दर से भुगतान करने की गुहार लगाई गई. वर्तमान में रैयत की जो भुगतान राशि 24 लाख प्रति एकड़ किया जा रहा है, उसे बढ़ाकर 50 लाख प्रति एकड़ करने या 2013 भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत भुगतान करने की मांग की गई. झारखंड सरकार द्वारा पारित 75% स्थानीय लोगों को ही कंपनी में नौकरी देने की भी मांग की गई है. वहीं विस्थापित प्रभावित क्षेत्र में होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाने, सीएसआर फंड के तहत ग्रामीण विकास का काम करने, विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीणों को जलावन और छोटे कार्यों के लिए माइनिंग से कोयले की आपूर्ति करने की गुहार लगाई गई है. पुनर्वास एवं पुनरस्थापन नीति का शत-प्रतिशत अनुपालन करने की मांग की गई. वहीं गैर मजरुआ जमीन का रैयती जमीन के आधार पर मुआवजा देने की मांगा की गई है. शिष्टमंडल में नेतृत्वकर्ता राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के प्रदेश सचिव चंद्रशेखर मिश्रा के अलावा केरेडारी के विस्थापित और रैयत सुरजीत नागवाला, वासुदेव प्रजापति, परमेश्वर कुमार, अजय कुमार, अशोक कुमार, शिवनारायण कुमार, संजीत कुमार, पवन कुमार, अमरजीत कुमार और मनोज कुमार शामिल थे. मांग से संबंधित ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्यपाल, मुख्य न्यायाधीश झारखंड, मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष झारखंड मजदूर कांग्रेस, सीएमडी एनटीपीसी, एसपी हजारीबाग, एसडीओ सदर और खनन मंत्रालय भारत सरकार को भी भेजी गई है. इसे भी पढ़ें : जीरो">https://lagatar.in/hc-issues-stay-on-pest-action-against-deoghar-dc-in-zero-fir-case-mp-nishikant-files-reply/">जीरो

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