- जब तक कमेटी की रिपोर्ट नहीं आ जाती, सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगी- सभापति
New Delhi : राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन की कार्यवाही को रिकॉर्ड करने के लिए कांग्रेस सांसद रजनी पाटिल को वर्तमान बजट सत्र के शेष हिस्से के लिए निलंबित कर दिया है. धनखड़ ने गुरुवार को संकेत दिया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान हंगामा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में सरकार की तरफ राज्यसभा में कांग्रेस सांसद पर करवाई की मांग की गई थी. धनखड़ ने कहा, रजनी पाटिल को इस सेशन के बाकी बचे दिनों तक के लिए सस्पेंड किया जाता है और जब तक कमेटी की रिपोर्ट नहीं आ जाती है, तब तक वह सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगी. अब मामले में विशेषाधिकार समिति जांच करेगी. जांच रिपोर्ट आने के बाद फैसला होगा कि वो संसद की कार्यवाही में हिस्सा ले सकती हैं या नहीं. वहीं, चेयरमैन की इस कार्यवाही के खिलाफ विपक्ष ने वॉकआउट किया.
In public domain y`day, on Twitter,there was dissemination of a video relating to proceedings of this House. I took a serious view of it&did all that was required. As a matter of principle&to keep sanctity of Parliament,no outside agency`s involvement could be sought: RS Chairman pic.twitter.com/LMYrEJLHZ6
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— ANI (@ANI) February">https://twitter.com/ANI/status/1624016029734277121?ref_src=twsrc%5Etfw">February
10, 2023
मैंने कुछ नहीं किया, फिर भी `फांसी की सजा` मिली
इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस सांसद रजनी ने कहा- उन्हें सख्त से सख्त सजा देना उचित नहीं है. क्योंकि उन्होंने जानबूझकर कुछ नहीं किया. खुद को निर्दोष बताते हुए रजनी पाटिल ने कहा , मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है. जब मैंने कुछ नहीं किया तब भी मुझे `फांसी की सजा` दी गई. मैं स्वतंत्रता सेनानी के परिवार से आती हूं और मेरी संस्कृति मुझे कानून का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं देती है. रजनी पर राज्यसभा में सदन की कार्यवाही रिकॉर्ड करने का आरोप है. कांग्रेस ने इसका एक वीडियो ट्वीटर पर शेयर किया था.
मंत्रियों ने रजनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी
इस मुद्दे पर बहस के दौरान केंद्र सरकार की ओर से कई मंत्रियों ने रजनी पाटिल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था, आज एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है. सोशल मीडिया पर हमने इस प्रतिष्ठित सदन में रिकॉर्ड किए गए वीडियो देखे, जिसमें संसद के वरिष्ठ सदस्यों को अनधिकृत रूप से रिकॉर्ड किया जा रहा है. इसके बाद इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया गया. पीयूष गोयल ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा, मुझे लगता है कि किसी भी सदस्य द्वारा की गई ऐसी कोई कार्रवाई बहुत गंभीर चिंता का विषय है.
सदन का वीडियो बनाकर इसको पब्लिश किया- राव
वहीं बीजेपी सांसद जीबीएल नरसिम्हा राव ने कहा था कि सदन का वीडियो बनाकर इसको पब्लिश किया. लिहाजा उनको सदन के बाकी बचे दिनों के लिए सस्पेंड किया जाए. संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि पहले भी इसी हाउस में ऐसा ही घटना घटी थी, तब वेंकैया नायडू ने कहा था कि दोबारा ऐसी घटना रिपीट नहीं होनी चाहिए. उन्होंने सख्त निर्णय लिया था. वहीं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस के किसी भी नेता ने सदन में यह नहीं कहा कि उन्होंने नियम भंग नहीं किया. सब ने यही कहा कि नियम भंग तो हुआ है, लेकिन सजा नहीं होनी चाहिए. सजा क्या होगी, अधिकार चेयरमैन का होता है.
सरकार के दबाव में फैसला नहीं होना चाहिए- खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पहले जांच करवाएं. अगर कोई गिल्टी है, तब उसके खिलाफ कार्यवाही कर सकते हैं, उसको चेतावनी भी देकर छोड़ सकते हैं. सरकार के दबाव में कोई फैसला नहीं होना चाहिए. वहीं कांग्रेस सदस्य शक्ति सिंह गोहिल ने रजनी पाटिल का बचाव करते हुए कहा, हाउस की गतिविधि पब्लिक डोमेन का विषय है, ताकि जनता देख समझ सके, इसीलिए कैमरे लगे होते हैं. मीडिया को एलाऊ करते हैं. इसमें अगर किसी ने वीडियो रिकॉर्ड किया, तो कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. अगर कोई मेंबर कमेटी की गोपनीय बात को बाहर लेकर जाता है, तब उस पर कार्रवाई जरूर होती है.
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