हमारे आस्था के केंद्र पार्टी मुख्यालय में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पीटा गया
प्रेस वार्ता के दौरान राजेश ठाकुर ने नेशनल हेराल्ड और पार्टी मुख्यालय एआईसीसी के बारे में भी विस्तृत बात की. उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी का हेडक्वार्टर एआईसीसी मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर और गुरुद्वारा है. ऐसे धार्मिक स्थल पर साजिश के तहत पुलिस द्वारा हमला कराया गया. गृह मंत्रालय के निर्देश पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को लाठी से पीटा गया. इसे भी पढ़ें –रांची">https://lagatar.in/ranchi-not-in-smart-city-new-secretariat-building-can-be-built-near-the-assembly-building-the-construction-cost-amount-may-decrease/">रांची: स्मार्ट सिटी में नहीं, विधानसभा भवन के पास बन सकता है नया सचिवालय भवन, घट सकती है निर्माण लागत राशि
90 करोड़ में से 67 करोड़ का भुगतान मीडियाकर्मियों और बिजली शुल्क में किया गया
मीडिया की स्वतंत्रता की बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र जिसने आजादी की लड़ाई में अपना प्रमुख योगदान दिया, आज उस पर मोदी सरकार साजिश के तहत हमला कर रही है. जब यह समाचार पत्र घाटे में जाकर 90 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, तो नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की सहायता के लिए कांग्रेस पार्टी ने वर्ष 2002 से लेकर 2011 के दौरान लगभग 100 किश्तों में 90 करोड़ रुपये का ऋण दिया था. इस 90 करोड़ रुपए में से नेशनल हेराल्ड ने 67 करोड़ रुपए अपने कर्मचारियों के वेतन (मीडियाकर्मियों) और वीआरएस का भुगतान किया. बाकी की राशि बिजली शुल्क, गृह कर, किरायेदारी शुल्क और भवन व्यय में खर्च हुई. लेकिन बीजेपी के नेता 90 करोड़ रुपये के ऋण को आपराधिक कार्य बता रहे हैं. साफ है कि वे विवेकहीनता और दुर्भावना से ग्रसित हैं.जांच कमिटी की रिपोर्ट से पहले उपद्रवियों का पोस्टर लगाने का क्या औचित्य
रांची में 10 जून को हुई हिंसा में शामिल उपद्रवियों के पोस्टर हटाने के सवाल पर राजेश ठाकुर ने कहा, जब सरकार ने दो सदस्यीय जांच कमिटी गठित की है, तो पोस्टर लगाने का क्या औचित्य. पहले जांच कमिटी की रिपोर्ट तो आने दिया जाना चाहिए. इसे भी पढ़ें – सुचित्रा">https://lagatar.in/suchitra-sinha-appointed-as-special-rapporteur-of-national-human-rights-commission/">सुचित्रासिन्हा बनीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की स्पेशल रैपोटियर [wpse_comments_template]

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