NewDelhi : कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों से 13 अगस्त से 15 अगस्त के बीच अपने-अपने घरों पर राष्ट्रध्वज फहराने की अपील किये जाने के बाद शुक्रवार को उन पर निशाना साधा है. कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने मुख्यालय पर आजादी के 52 साल बाद तक तिरंगा नहीं फहराया और अब यह सब ‘पांखड’ किया जा रहा है.
52 सालों तक नागपुर में अपने मुख्यालय पर तिरंगा नही फहराया
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, जिस तिरंगे के लिए हमारे देश के कई लोग शहीद हुए, उस तिरंगे को एक संगठन ने अपनाने से मना कर दिया, 52 सालों तक नागपुर में अपने मुख्यालय पर तिरंगा नही फहराया, लगातार तिरंगे को अपमानित किया गया और आज उसी संगठन से निकले हुए लोग तिरंगे का इतिहास बता रहे हैं. हर घर तिरंगा मुहिम की योजना बना रहे हैं. उन्होंने सवाल किया, ‘52 सालों तक आरएसएस ने अपने मुख्यालय पर तिरंगा क्यों नहीं फहराया? चीन से मशीन निर्मित, पॉलिएस्टर झंडे के आयात की अनुमति क्यों दी गयी
खादी से राष्ट्रीय ध्वज बनाने वालों की आजीविका को नष्ट क्यों किया जा रहा है? चीन से मशीन निर्मित, पॉलिएस्टर झंडे के आयात की अनुमति क्यों दी गयी?’’ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने ट्वीट किया, विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा. ये मात्र शब्द नहीं हैं, 140 करोड़ भारतीयों की भावना है. हमारा झंडा विविध रंग, रूप, स्थान, बोली-भाषाओं, खान-पान व मान्यताओं वाले देश में एकजुटता, गौरव, सहिष्णुता, त्याग, बलिदान व आत्मबल का प्रतीक है. मोदी जी, खादी से बना तिरंगा देश के आत्मबल को दर्शाता है
उन्होंने कहा, मोदी जी, खादी से बना तिरंगा देश के आत्मबल को दर्शाता है और इससे लाखों लोगों की जीविका जुड़ी है. आज के ऐतिहासिक दिन पर आशा है कि आप खादी से झंडा बनाने वालों की बात सुनेंगे और उनकी मांग पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेंगे. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया, हिपोक्रेसी (पाखंड) जिंदाबाद! ये खादी से राष्ट्रीय ध्वज बनाने वालों की आजीविका को नष्ट कर रहे हैं, जिसे नेहरू जी ने भारत की आजादी की पोशाक बताया था. ये उस संगठन के प्रचारक रहे हैं जिसे नागपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने में 52 साल लगे. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से 13 अगस्त से 15 अगस्त के बीच अपने-अपने घरों में राष्ट्रध्वज फहराकर हर घर तिरंगा’ मुहिम को मजबूत करने की शुक्रवार को अपील की. मोदी ने ट्वीट के जरिए कहा कि यह मुहिम तिरंगे के साथ हमारे जुड़ाव को गहरा करेगी. उन्होंने उल्लेख किया कि 22 जुलाई, 1947 को ही तिरंगे को राष्ट्रध्वज के रूप में अपनाया गया था. [wpse_comments_template]
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