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Lagatar Exclusive: हॉस्पिटल बिल्डिंग निर्माण में गड़बड़ी का आरोपी ठेकेदार महज दो महीने में ब्लैक लिस्ट से बाहर

Ranchi: झारखंड भवन निर्माण निगम ने हॉस्पिटल भवन निर्माण में गड़बड़ी करने वाले ठेकेदार को दो महीने के बाद ही काली सूची (Black List) से बाहर दिया है. काली सूची में डालने का आदेश आठ जनवरी 2026 को और इससे बाहर करने का आदेश छह मार्च 2026 को जारी हुआ था. ठेकेदार का नाम M/S Raj Construction है. CBI ने Central University में निर्माण घोटाले में इस ठेकेदार को विरूद्ध आरोप पत्र दायर कर रखा है.
 
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Ranchi: झारखंड भवन निर्माण निगम ने हॉस्पिटल भवन निर्माण में गड़बड़ी करने वाले ठेकेदार को दो महीने के बाद ही काली सूची (Black List) से बाहर दिया है. काली सूची में डालने का आदेश आठ जनवरी 2026 को और इससे बाहर करने का आदेश छह मार्च 2026 को जारी हुआ था. ठेकेदार का नाम M/S Raj Construction है. CBI ने Central University में निर्माण घोटाले में इस ठेकेदार को विरूद्ध आरोप पत्र दायर कर रखा है.


झारखंड भवन निर्माण निगम से गढ़वा सदर अस्पताल परिसर में 50 बेड वाले हॉस्पिटल निर्माण का काम मेसर्स राज कंस्ट्रक्शन को मिला है. अस्पताल की लागत 22.92 करोड़ रुपये है. निर्माण कार्य के पहले चरण में ही इस ठेकेदार ने गड़बड़ी की. पहले चरण में ठेकेदार की ओर से एस्टीमेट के मुकाबले ज्यादा मिट्टी भराई का दावा किया गया. इंजीनियरों की मिली भगत से इससे संबंधित तैयर विचलन रिपोर्ट को स्वीकृत करने के लिए निगम मुख्यालय भेजा गया.

 

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ठेकेदार को काली सूची में डालने का आदेश


निगम मुख्यालय ने इस विचलन रिपोर्ट की जांच करायी. इसमें ठेकेदार द्वारा की गयी गड़बड़ी पकड़ी गयी. जांच में विचलन रिपोर्ट में दर्ज मिट्टी भराई के ब्योरे से काफी कम पाया गया. जांच में मुख्य अस्पताल भवन में Plinth Beam  के Top Level से Footing  के Top Level  का Depth 1.70-2.00 मीटर पाया गया. लेकिन मुख्यालय में स्वीकृति के लिए भेजे गये विचलन रिपोर्ट में इसका Depth 3.5 मीटर लिखा हुआ था. इस तरह ठेकेदार द्वारा वास्तविक काम के मुकाबले दो गुना काम दिखाया गया था.

 

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ठेकेदार को काली सूची से हटाने का आदेश


जांच के दौरान हॉस्पिटल के मुख्य भवन के अलावा दूसरे भवनों में भी गड़बड़ी पायी गयी. अन्य भवनों में Plinth Beam  के Top Level से Footing  के Top Level  का Depth के करीब 1.5 मीटर पाया गया. जांच के दौरान निर्माण स्थल पर सिर्फ Plinth Beam  ही पाया गया. लेकिन विचलन से संबंधित मापी पुस्तिका (MB) में Plinth Beam के अलावा Tie Beam का मापी भी दर्ज किया हुआ था. निगम ने ठेकेदार द्वारा बरती गयी इस अनियमितता को गंभीर करार देते हुए उसे काली सूची में डालते हुए निगम द्वारा निकाले गये टेंडर में हिस्सा लेने पर पाबंदी लगा दी. निगम ने इससे संबंधित आदेश आठ जनवरी 2026 को जारी किया था.


ठेकेदार को काली सूची में डालने के बाद निगम ने आठ मार्च 2026 को दूसरा आदेश जारी किया. इस आदेश के सहारे ठेकेदार को काली सूची से बाहर कर दिया गया और निगम द्वारा निकाले जाने वाले टेंडरों में हिस्सा लेने की अनुमति दी गयी. निगम ने काली सूची से बाहर निकालने का काम ठेकेदार द्वारा भविष्य में किसी योजना में इस तरह की गड़बड़ी नहीं करने का आश्वासन देने के बाद किया. निगम ने अस्पताल के निर्माण के दौरान मापी पुस्तिका में गलत मापी दर्ज करने वाले इंजीनियरों के खिलाफ भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की.

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