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चंगाई सभा में सरना झंडा लगाने को लेकर हुआ विवाद, पुलिस-प्रशासन ने सुलझाया विवाद

Ranchi : बोड़ेया सरना स्थल पर चंगाई सभा और प्रार्थना सभा आयोजित करने और सरना झंडा लगाने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया. सरना आदिवासियों ने सरना स्थल पहुंचकर चंगाई सभा के आयोजन में सरना झंडा गड़ी कार्यक्रम को रोक दिया. विवाद होने के बाद स्थानीय सीओ दिवाकर द्धिवेदी और थाना प्रभारी बृज कुमार पहुंचे और विवाद को सुलझाया. इससे पूर्व बोड़ेया सरना स्थल में गांव की महिला दशमी टोप्पो, कृष्णकांत टोप्पो, उषा टोप्पो, पहना उरांव पहुंचे. उन्होंने कहा कि सरना स्थल पर चंगाई सभा, प्रार्थना सभा, एवं झंडा गड़ी करने का कार्यक्रम सुनियोजित था. इससे आदिवासियों, जनजातियों की धार्मिक आस्था के साथ छेड़छाड़ के साथ ही समाज को षड्यंत्र के तहत तोड़ने का कार्य किया जा रहा था.

मामले को लेकर 25 जुलाई को बैठक होगी

मुखिया सोमा उरांव एवं केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि यह सभी कार्यक्रम एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत आदिवासियों के धार्मिक आस्था पर विकृति फैलाने के लिए किया जा रहा है. लेकिन इसे कभी सफल होने नहीं दिया जाएगा. आने वाले दिनों में झारखंड के हर क्षेत्र में चंगाई सभा/ प्रार्थना सभा एवं झंडा गड़ी कार्यक्रमों पर रोक लगाने हेतु एक मुहिम चलाई जाएगी. सोमा उरांव ने कहा कि आदिवासियों/ जनजातियों समाज में कोई धर्मगुरु, धर्म बहन नहीं होता है. सामाजिक व्यवस्था के अंतर्गत पहान, महतो, मुंडा, पईन भोरा, रैयत, जठ रैयत को समाज में ऊंचा स्थान दिया गया है. इस मामले को लेकर सर्वसम्मति से 25 जुलाई को बिरसा मध्य विद्यालय विद्यालय बोड़ेया में सुबह आठ बजे बैठक होगी.

मौके पर थे मौजूद

इस मौके पर मुखिया सह केंद्रीय युवा चाला विकास समिति झारखंड के अध्यक्ष सोमा उरांव, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की, पंचायत समिति सदस्य अमर तिर्की, वार्ड सदस्य अविनाश रवि टोप्पो, विश्वकर्मा पहान, रामदास पहान, विजय उरांव मास्टर, भीमा पहान, परना उरांव, रतन उराव, रवि बिनहा, रोशन टोप्पो, दीनानाथ उरांव, किशुन उरांव, सोनू उरांव, वासुदेव उरांव, रविंद्र बिनहा व दर्जनों गणमान्य एवं जनप्रतिनिधि शामिल थे. इसे भी पढ़ें – विकासात्मक">https://lagatar.in/ajesh-thakur-and-alamgir-alam-met-chief-minister-on-developmental-issues/">विकासात्मक

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