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आदित्यपुर फुटबॉल मैदान को लेकर बढ़ा विवाद, रेड क्रॉस को भवन देने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन

आदित्यपुर फुटबॉल मैदान परिसर में स्थित खाली भवन को रेड क्रॉस सोसाइटी को सौंपने के जिला प्रशासन के फैसले का स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है. इस मुद्दे को लेकर रविवार को मैदान परिसर के पास लोगों ने प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह फैसला क्षेत्र के खिलाड़ियों और बच्चों के हितों के खिलाफ है.
 

 Seraikela : आदित्यपुर फुटबॉल मैदान परिसर में स्थित खाली भवन को रेड क्रॉस सोसाइटी को सौंपने के जिला प्रशासन के फैसले का स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है. इस मुद्दे को लेकर रविवार को मैदान परिसर के पास लोगों ने प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह फैसला क्षेत्र के खिलाड़ियों और बच्चों के हितों के खिलाफ है.


स्थानीय निवासियों के अनुसार आदित्यपुर फुटबॉल मैदान इलाके के बच्चों और युवाओं के लिए खेलकूद का प्रमुख और लगभग एकमात्र स्थान है. लोगों का आरोप है कि यदि मैदान परिसर का भवन किसी अन्य संस्था को सौंप दिया गया, तो भविष्य में पूरे मैदान पर अतिक्रमण या कब्जे का खतरा बढ़ सकता है, जिससे खेल गतिविधियां प्रभावित होंगी.


प्रदर्शन में शामिल समाजसेवी रबिन्द्र बास्के और अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि इस मामले में प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों, खेल संगठनों और जनप्रतिनिधियों से कोई राय-मशविरा नहीं किया. उनका कहना है कि इतने महत्वपूर्ण फैसले से पहले जनता को भरोसे में लिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.


प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अपनी मांगों और आपत्तियों को लेकर उपायुक्त से मिलने तथा ज्ञापन सौंपने गए थे, तब उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया. हालांकि, इस आरोप पर जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आयी है.


स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि शहर में कई अन्य सरकारी भवन और खाली जमीन उपलब्ध हैं, फिर रेड क्रॉस सोसाइटी के लिए खेल मैदान परिसर का भवन ही क्यों चुना गया. उनका कहना है कि इससे खेल और खिलाड़ियों के हितों को नुकसान पहुंचेगा.


विरोध कर रहे लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा. उन्होंने जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की भी बात कही. साथ ही झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की गई है.


प्रदर्शन में समाजसेवी रबिन्द्र बास्के, मांझी बाबा कुंजू सोरेन, हरिमोहन टुडू, राम हांसदा, शंकर मार्डी, दीपक सोरेन, धनंजय महतो, सुधाकर, महेश, सतीश जमुदा, सुनील तमाड़ समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे.


फिलहाल इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन और रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

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