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दिल्ली में ध्वज फहराने पर विवाद, जीएडी ने कहा, केजरीवाल आतिशी को अधिकृत नहीं कर सकते

 
 NewDelhi :  स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली सरकार के आधिकारिक समारोह में राष्ट्रीय ध्वज कौन फहरायेगा, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. इस बीच सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने मंगलवार को कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपनी ओर से ध्वज फहराने के लिए दिल्ली की मंत्री आतिशी को अधिकृत नहीं कर सकते. जमानत पर जेल से छूटे मनीष सिसोदिया ने स्वतंत्रता दिवस जैसे पवित्र मौके पर राजनीति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.

मुख्यमंत्री का निर्देश कानूनन अवैध है

जीएडी मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को विभाग को निर्देश दिया था कि मुख्यमंत्री की इच्छा के अनुसार आतिशी के तिरंगा फहराने के लिए तैयारी की जाये. मंत्री के पत्र पर जीएडी के अतिरिक्त मुख्य सचिव नवीन कुमार चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री का निर्देश कानूनन अवैध है और इसे अमल में नहीं लाया जा सकता.  जीएडी अधिकारी ने यह भी कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा छह अगस्त को उप राज्यपाल वीके सक्सेना को लिखा गया पत्र कारागार नियमों के अनुसार स्वीकार्य नहीं है.

मुख्यमंत्री  तिरंगा फहराने के लिए उपलब्ध नहीं हैं

चौधरी ने कहा कि छत्रसाल स्टेडियम में दिल्ली सरकार के स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तैयारियां चल रही हैं. कहा कि मुख्यमंत्री न्यायिक हिरासत में हैं और तिरंगा फहराने के लिए उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए मामले की जानकारी उच्च प्राधिकार’ को दे दी गयी है. निर्देश की प्रतीक्षा की जा रही है. जान लें कि राय ने जेल में केजरीवाल से मुलाकात के बाद सोमवार को जीएडी को निर्देश जारी किया था.

 केजरीवाल का पत्र दिल्ली कारागार नियमों का दुरुपयोग है

केजरीवाल ने पिछले सप्ताह उप राज्यपाल को पत्र लिखकर कहा था कि दिल्ली सरकार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में उनकी जगह कैबिनेट मंत्री आतिशी ध्वज फहरायेंगी. हालांकि उप राज्यपाल कार्यालय ने कहा था कि उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है. तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने भी केजरीवाल को सूचित किया कि उप राज्यपाल को लिखा उनका पत्र दिल्ली कारागार नियमों के तहत उन्हें दिये गये विशेषाधिकारों का दुरुपयोग है.
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