Search

 
 
 

झारखंड में कमजोर हुआ कोरोना, पॉजिटिव केस का रेट घटकर 1.65%, 19 जिलों में कोई मौत नहीं

 

Ranchi : झरखंड के लिए राहत भरी खबर है. एक अप्रैल के बाद राज्य में कोरोना की दूसरी लहर की दस्तक के बीच पहली बार दुमका में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिले हैं. सोमवार को वहां 1665 लोगों की कोरोना जांच हुई. इसमें सभी लोग निगेटिव पाए गए हैं. वहीं राज्य के 19 जिलों में कोई मौत नहीं हुई है. राज्य में पॉजिटिव केस का रेट 1.65 फीसदी रह गया है.

कोरोना मरीज के घटते ही ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत हुई कम

वहीं राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की ऑक्सीजन पर निर्भरता भी लगातार कम होते जा रही है. मई के पहले सप्ताह में जहां राज्यभर में मरीजों को 14 हजार से भी ज्यादा मेडिकल लिक्विड ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत पड़ रही थी. मई के आखिरी सप्ताह में वो संख्या घट कर 4 हजार ऑक्सीजन सिलेंडर रह गई है.

इसे भी पढ़ें - जब">https://lagatar.in/when-there-is-no-vaccine-why-do-they-make-such-announcements-delhi-high-court-reprimanded-the-central-government/79673/">जब

वैक्सीन नहीं है, तो क्यों करते हैं घोषणाएं, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को लगाई फटकार

150 टन प्रतिदिन होती थी राज्य में ऑक्सीजन खपत, घटकर 30 टन पर पहुंचा

राज्य में ऑक्सीजन टास्क फोर्स का नेतृत्व कर रहे इंडस्ट्री डायरेक्टर जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 5 मई से-18 मई तक राज्य भर में 150 टन से ज्यादा लिक्विड ऑक्सीजन की डिमांड आ रही थी. 30 मई तक ये डिमांड घट कर औसतन 27-30 टन तक रह गई है.

सरकारी और निजी अस्पतालों तीन हिस्सा बेड खाली

अगर बात करें अस्पतालों की स्थिति की तो 31 मई तक राज्य के सरकारी और निजी कोविड अस्पतालों में आधे से ज्यादा बेड खाली हैं. केवल आईसीयू और ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड की बात करें तो राज्यभर में 13846 बेड हैं. इनमें मात्र 4759 पर मरीज एडमिट हैं. अलग-अलग वेंटिलेटर बेड राज्य में कुल 2919 हैं इनमें 1892 खाली हैं. सिलेंडर सपोर्टेड बेड 4927 हैं इनमें 3485 खाली हैं, जबकि पाइप लाइन से सपोर्टेड बेड 4624 हैं इनमें 2647 खाली हैं. वहीं ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर वाले 1376 में 1000 से ज्यादा बेड खाली हैं.

[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही