Ranchi: रांची नगर निगम के प्रशासक अमित कुमार के निर्देश पर निगम क्षेत्र के वाटर बॉटलिंग प्लांट की लगातार जांच की जा रही है, ताकि अवैध जल निकासी को रोका जा सके. इस कड़ी ने सोमवार को निगम के छारेमारी टीम और सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के सदस्यों के द्वारा संयुक्त रूप से जांच अभियान चलाया गया. जिसमें लगभग 20 वाटर बॉटलिंग प्लांट के संचालकों के दस्तावेजों की जांच की गई. जांच क्रम में पांच प्लांटों को अवैध पाया गया और तत्काल ही बंद कराया गया. [caption id="attachment_876957" align="aligncenter" width="676"]
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alt="" width="676" height="507" /> अवैध रूप से संचालित 5 वाटर बॉटलिंग प्लांट को निगम ने कराया बंद[/caption] सेंट्रल ग्राउंड वाटर की टीम ने उक्त संचालकों को सख्त निर्देश दिया गया कि भविष्य में अगर पुनः अवैध रूप से प्लांट का संचालन करते हुए पकड़े गए तो अधिकतम 2 लाख रुपये की अर्थदंड लगाया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. उप प्रशासक ने सभी वाटर बॉटलिंग प्लांट के संचालकों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर वे लोग अवैध रूप से प्लांट को चला रहे हैं तो उसे स्वयं अपने स्तर पर बंद कर दें अन्यथा दोषी पाये जाने पर उनके विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
alt="" width="676" height="507" /> अवैध रूप से संचालित 5 वाटर बॉटलिंग प्लांट को निगम ने कराया बंद[/caption] सेंट्रल ग्राउंड वाटर की टीम ने उक्त संचालकों को सख्त निर्देश दिया गया कि भविष्य में अगर पुनः अवैध रूप से प्लांट का संचालन करते हुए पकड़े गए तो अधिकतम 2 लाख रुपये की अर्थदंड लगाया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. उप प्रशासक ने सभी वाटर बॉटलिंग प्लांट के संचालकों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर वे लोग अवैध रूप से प्लांट को चला रहे हैं तो उसे स्वयं अपने स्तर पर बंद कर दें अन्यथा दोषी पाये जाने पर उनके विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
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