Ranchi: झारखंड के रुग्न उद्योगों की सूची तैयार होगी और फिर उन्हें नई पॉलिसी के तहत फिर से पुनर्जीवित किया जाएगा. शीतकालीन सत्र के चौथे दिन विधानसभा में प्रभारी मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने प्रदीप यादव के अनुसूचित सवाल पर यह जवाब दिया. मंत्री ने बताया कि कोविड काल में राज्य में 1600 उद्योग रुग्न घोषित हुए हैं. इसके अलावा भी कई उद्योग रुग्न हैं. कॉरपोरेशन उनकी सूची बनाएगी और उन्हें फिर से पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव सरकार को उपलब्ध कराएगी.
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बड़े व्यवसायिक घरानों को सपोर्ट करने की योजना- प्रदीप
प्रदीप यादव ने कहा कि राज्य में कई बार उद्योग नीति बने हैं और उनका हश्र हमें पता है. उन्होंने कहा कि उद्योग नीति में बड़े व्यवसायिक घरानों को सपोर्ट करने की योजना होती है. लेकिन छोटे उद्योगों के लिए कुछ खास नहीं होता. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के तर्ज पर यह सरकार दिल्ली, मुंबई में सिर्फ ग्लोबल मीट ना करे, बल्कि सही कार्य योजना बनाए और उस पर काम करें. इसे भी पढ़ें –सरयू">https://lagatar.in/on-saryus-question-the-health-minister-himself-accepted-yes-our-answer-was-misleading/">सरयूराय के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने खुद स्वीकारा, कहा – हां हमारा जवाब भ्रामक था [wpse_comments_template]
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