Saurav Singh Ranchi : राज्य सरकार ने झारखंड को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए निगरानी ब्यूरो को बदलकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बनाया. इसे पहले से काफी ज्यादा शक्तियां भी दी गई. लेकिन भ्रष्टाचार की जांच करने वाली एजेंसी एसीबी प्रभार के भरोसे चल रही है. वर्तमान में स्थिति यह है कि एसीबी में डीजी, डीआईजी, एसपी और एएसपी कुल नौ पोस्ट स्वीकृत हैं. जिनमें पांच प्रभार में चल रहे और दो खाली हैं. इसे भी पढ़ें - Lagatar">https://lagatar.in/lagatar-impact-investigation-team-on-oil-theft-in-rmc-action-only-on-small-fish/92285/">Lagatar
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डीजी समेत कई पद हैं प्रभार में
एसीबी में बीते 22 फरवरी से डीजी का पद अतिरिक्त प्रभार में चल रहा है. डीजीपी नीरज सिन्हा को अपने कार्यों के अतिरिक्त एसीबी के डीजी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इसके अलावा 12 मार्च से एसीबी में डीआईजी का एक पद अतिरिक्त प्रभार में चल रहा है. रांची रेंज डीआईजी के पंकज कंबोज के पास डीआईजी एसीबी अतिरिक्त प्रभार है. वहीं लंबे समय से खाली चल रहे एसपी के तीन पद पर बीते 15 जून को एसपी जेएपीटीसी पदमा के पद पर पदस्थापित कौशल किशोर, सीटीसी मुसाबनी एसपी के पद पर पदस्थापित अमन कुमार और जैप-10 के कमांडेंट के पद पर पदस्थापित संध्या रानी मेहता को अपने काम के अलावा एसीबी एसपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.डीआईजी और एएसपी का पद चल रहा खाली
चार सितंबर 2020 को आईपीएस असीम विक्रांत मिंज को धनबाद जिला का एसएसपी के पद पर पदस्थापित किया गया था. जिसके बाद से एसीबी डीआईजी का एक पद खाली पड़ा हुआ है. इसके अलावा एएसपी का भी एक पद लंबे समय से खाली चल रहा है. इसे भी पढ़ें -केंद्र">https://lagatar.in/central-government-filed-an-affidavit-in-supreme-court-said-can-not-give-compensation-of-four-lakhs-on-death-due-to-corona/92258/">केंद्रसरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया, कहा, कोरोना से हुई मौत पर नहीं दे सकते चार लाख का मुआवजा [wpse_comments_template]
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