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देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा, 53% लाभार्थी फर्जी, CBI करेगी जांच

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34 राज्यों के 100 जिलों में मंत्रालय ने करायी आंतरिक जांच
21 राज्यों के 1572 संस्थानों में 830 संस्थान फर्जी पाए गए
महज 5 वर्ष में 144.83 करोड़ रुपये का घोटाला
New Delhi : भारत के सबसे बड़े अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा हुआ है. कई राज्यों में बनाए गए फर्जी लाभार्थी, फर्जी संस्थान और फर्जी नामों से बैंक खाते सामने आए हैं. मामला अल्पसंख्यक संस्थानों, राज्य प्रशासन और बैंकों में संस्थागत भ्रष्टाचार का है. अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के लगभग 53 प्रतिशत लाभार्थी `फर्जी` पाए गए हैं. मंत्रालय द्वारा की गई आंतरिक जांच में 830 संस्थानों में भ्रष्टाचार का पता चला है. इसके जरिए पिछले 5 वर्षों में 144.83 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मामले को आगे की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पास भेज दिया है.

34 राज्यों के 100 जिलों में पूछताछ की गई

रिपोर्ट के मुताबिक, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर 10 जुलाई को इस मामले में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी. जांच के दौरान 34 राज्यों के 100 जिलों में पूछताछ की गई. जांच किए गए 1572 संस्थानों में से 830 को धोखाधड़ी गतिविधियों में शामिल पाया गया है. ताजा आंकड़े 34 में से केवल 21 राज्यों के हैं. यानी बचे हुए 13 राज्यों के संस्थानों की जांच अभी भी चल रही है.

छत्तीसगढ़ में सभी 62 संस्थान फर्जी पाये गये

रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में जांच के दौरान सभी 62 संस्थान फर्जी या निष्क्रिय पाए गए. राजस्थान में जांच किए गए 128 संस्थानों में से 99 फर्जी या गैर-परिचालन थे. असम में चौंकाने वाली बात यह है कि 68 प्रतिशत संस्थान फर्जी पाए गए. कर्नाटक में 64 फीसदी संस्थान फर्जी पाए गए.उत्तर प्रदेश में 44 फीसदी संस्थान फर्जी पाए गए.

नोडल अधिकारी भी जांच के घेरे में

संस्थानों के नोडल अधिकारियों ने ओके रिपोर्ट कैसे दे दी, कैसे जिला नोडल अधिकारी ने फर्जी मामलों का सत्यापन किया और कितने राज्यों ने घोटाले को वर्षों तक जारी रहने दिया आदि की जांच सीबीआई करेगी. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि फर्जी आधार कार्ड और केवाईसी की जांच चल रही है.

योजना 2007-8 में शुरू की गई थी

अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति की योजना 2007-8 में शुरू की गई थी तब से लेकर अब तक हजारों करोड़ के घोटाले का आकलन. अल्पसंख्यक मंत्रालय एक लाख 80 संस्थानों को स्कॉलरशिप देता है. इसका फायदा कक्षा 1 से उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले अल्पसंख्यक छात्रों को मिलता है.

 830 संस्थानों से जुड़े लाभार्थियों के खातों को फ्रीज करने का आदेश

1. छत्तीसगढ़ में 62 संस्थानों की जांच : सभी फर्जी/नॉन-ऑपरेशनल
2. राजस्थान के 128 संस्थानों की जांच की गई. 99 नकली/नॉन ऑपरेशनल.
3. असम 68 प्रतिशत नकली
4. कर्नाटक 64 प्रतिशत नकली
5. यूपी में 44 प्रतिशत तक नकली
6. बंगाल 39 प्रतिशत नकली
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